मसूरी:- फ्रीमेसन लॉज डलहौजी नंबर 10, मसूरी शाखा के सदस्यों ने शहीद स्थल से फ्रीमेसन हॉल, मेसोनिक लॉज बस स्टैंड तक विश्व बंधुत्व दिवस पर जन जागरूकता पद यात्रा कर भाईचारे का संदेश दिया।
रैली शहदी स्थल झूलाघर से शुरू हुई व इंद्रमणि बडोनी चौक मालरोड होते हुए शहीद भगत सिंह चौक से मैसानिक लॉज बस स्टैण्ड से लॉज डलहौजी भवन तक गयी। पदयात्रा का नेतृत्व संस्था के वरिष्ठ सदस्य आर.डब्ल्यू. बीआरओ. प्रमोद साहनी और इवेंट कोऑर्डिनेटर डब्ल्यू.बीआरओ शैलेन्द्र कर्णवाल वर्क मास्टर डब्ल्यू.बी.आर.ओ. शरद गुप्ता ने किया। इस मौके पर लॉज के सदस्य विशेष मेसोनिक टी-शर्ट और कैप पहने हुए थे और भाईचारे के प्यार, राहत और सच्चाई को बढ़ावा देने वाले पोस्टर लिए हुए थे। उन्होंने अच्छे लोगों को बेहतर बनाने का संदेश भी दिया। वॉकथॉन का समापन मसूरी के फ्रीमेसन हॉल में हुआ, जहाँ आर.डब्ल्यू. भाई प्रमोद साहनी ने फ्रीमेसनरी की नैतिकता और मूल्यों पर एक संक्षिप्त परिचय दिया व कहा कि मसूरी लॉज भारत के सबसे पुराने लॉज में से एक है और इसकी स्थापना वर्ष 1854 में हुई थी। जबकि विश्व में पहला लॉज 1717 में इंग्लैड में बना था। वॉकथन का आयोजन उत्तरी भारत के क्षेत्रीय ग्रैंड मास्टर आरडब्ल्यू ब्रो के निर्देश और आह्वान पर किया गया था। पुनीत सोहल ने दुनिया भर में फ्रीमेसन द्वारा किए गए अच्छे कामों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया। विश्व में इस संस्था को 308 वर्ष हो गये हैं, जिसका उददेश्य अच्छे आदमी को और अच्छा बनाना है। उन्हांने कहा कि मसूरी में भी संस्था, स्कूली बच्चों, मजदूर महिलाओं, दुकानों में कार्यरत महिलाओं को आम्त्मनिर्भर बनाने व उनका सम्मान करने का कार्य करते हैं। इस मौके पर शरद गुप्ता ने कहाकि विश्व बधुत्व दिवस हर साल 24 जून को विश्व भर में मनाया जाता है जिसमें भाईचारे का संदेश दिया जाता है। वहीं शैलेंद्र कर्णवाल व रणवीर सिंह ने कहा कि आज के दिन पूरे विश्व में समाज सेवा की जाती है व गरीबों की मदद की जाती है। उन्होंने कहा कि मसूरी में भी 1854 से लगातार लॉस सेवा का कार्य कर रहा है, यह विश्व की सबसे पुरानी संस्था है। इस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ मेसन और उनके परिवार के सदस्य शामिल हुए, जिनमें रणबीर सिंह, सुरेश अग्रवाल, अमित वैश्य, मनमोहन कर्णवाल, विनेश संघल, सुविज्ञ सभरवाल, नीतीश मोहन अग्रवाल, विपुल मित्तल, अंशुल मित्तल, फिरोज अली, जैजैवंती कर्णवाल, डा. आरएस बिष्ट, संजय जैन सहित सदस्य मौजूद रहे।
रैली शहदी स्थल झूलाघर से शुरू हुई व इंद्रमणि बडोनी चौक मालरोड होते हुए शहीद भगत सिंह चौक से मैसानिक लॉज बस स्टैण्ड से लॉज डलहौजी भवन तक गयी। पदयात्रा का नेतृत्व संस्था के वरिष्ठ सदस्य आर.डब्ल्यू. बीआरओ. प्रमोद साहनी और इवेंट कोऑर्डिनेटर डब्ल्यू.बीआरओ शैलेन्द्र कर्णवाल वर्क मास्टर डब्ल्यू.बी.आर.ओ. शरद गुप्ता ने किया। इस मौके पर लॉज के सदस्य विशेष मेसोनिक टी-शर्ट और कैप पहने हुए थे और भाईचारे के प्यार, राहत और सच्चाई को बढ़ावा देने वाले पोस्टर लिए हुए थे। उन्होंने अच्छे लोगों को बेहतर बनाने का संदेश भी दिया। वॉकथॉन का समापन मसूरी के फ्रीमेसन हॉल में हुआ, जहाँ आर.डब्ल्यू. भाई प्रमोद साहनी ने फ्रीमेसनरी की नैतिकता और मूल्यों पर एक संक्षिप्त परिचय दिया व कहा कि मसूरी लॉज भारत के सबसे पुराने लॉज में से एक है और इसकी स्थापना वर्ष 1854 में हुई थी। जबकि विश्व में पहला लॉज 1717 में इंग्लैड में बना था। वॉकथन का आयोजन उत्तरी भारत के क्षेत्रीय ग्रैंड मास्टर आरडब्ल्यू ब्रो के निर्देश और आह्वान पर किया गया था। पुनीत सोहल ने दुनिया भर में फ्रीमेसन द्वारा किए गए अच्छे कामों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया। विश्व में इस संस्था को 308 वर्ष हो गये हैं, जिसका उददेश्य अच्छे आदमी को और अच्छा बनाना है। उन्हांने कहा कि मसूरी में भी संस्था, स्कूली बच्चों, मजदूर महिलाओं, दुकानों में कार्यरत महिलाओं को आम्त्मनिर्भर बनाने व उनका सम्मान करने का कार्य करते हैं। इस मौके पर शरद गुप्ता ने कहाकि विश्व बधुत्व दिवस हर साल 24 जून को विश्व भर में मनाया जाता है जिसमें भाईचारे का संदेश दिया जाता है। वहीं शैलेंद्र कर्णवाल व रणवीर सिंह ने कहा कि आज के दिन पूरे विश्व में समाज सेवा की जाती है व गरीबों की मदद की जाती है। उन्होंने कहा कि मसूरी में भी 1854 से लगातार लॉस सेवा का कार्य कर रहा है, यह विश्व की सबसे पुरानी संस्था है। इस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ मेसन और उनके परिवार के सदस्य शामिल हुए, जिनमें रणबीर सिंह, सुरेश अग्रवाल, अमित वैश्य, मनमोहन कर्णवाल, विनेश संघल, सुविज्ञ सभरवाल, नीतीश मोहन अग्रवाल, विपुल मित्तल, अंशुल मित्तल, फिरोज अली, जैजैवंती कर्णवाल, डा. आरएस बिष्ट, संजय जैन सहित सदस्य मौजूद रहे।

