हिम सुरभि संग्रहालय में एल्डरबेरी फार्म का लोकार्पण, व एल्डर वेरी का पौधा रोपण।

मसूरी।:- हिमसुरभि संग्रहालय में एल्डरबेरी फार्म का उद्घाटन उत्तराखंड के लोक पर्व हरेला के अवसर पर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित विभिन्न संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों व वाइन बर्ग एलन स्कूल के छात्र छात्राओं ने संग्रहालय की पहाड़ी ढलानों पर 100 से अधिक एल्डरबेरी पौधों का रोपण किया।
हिम सुरभि अरोमा संग्रहालय में मसूरी का पहला एल्डरबेरी फार्म का लोकार्पण किया गया जिसमें क्षेत्रीय सभासद सचिन गुहेर ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर 100 से अधिक एल्डरबेरी के पौधो का रोपण किया गया। इस मौके पर सुरभि अरोमा संग्रहालय की निदेशक डा. ज्योति मारवाह ने कहा कि मसूरी में पहला एल्डाबेरी फार्म की स्थापना की है जिसका चमत्कारिक पौधा खासीं, जुकाम फलू को ठीक करने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि इस पौधे के उपर तीन चार साल पहले एक्सपेरिमेंट किया था। इस मौके पर स्कूली बच्चों, सामाजिक संस्थाओं व जनप्रतिनिधियों को बुलाकर इसका प्रचार प्रसार किया जाय जिसे हरेला के दिन शुभारंभ किया गया। उन्होंने कहा कि कोरोना के बाद लोगों के फेफडे वीक हो गये व मस्तिष्क पर प्रभाव पडा है। यह पौधा किनगोड़ की तरह है, इससे शैपू, शर्बत, जाम, हेअर आयल, जेली, कैंडी, फेस आयल, आदि भी बनाया जाता है यह सभी प्रकृति देती है। इसलिए इसका जीवन में प्रयोग करें। वृक्ष लगाने से लाभ होगा जो अगली पीढी के काम आयेगा। यह आयोजन कीन को समर्पित है, जिनके प्रेरणादायक प्रयासों और अडिग दृष्टिकोण ने इस हर्बल व सतत फार्म की कल्पना को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एल्डरबेरी फार्म स्थानीय स्वास्थ्य परंपराओं, आत्मनिर्भर कृषि और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों ने हर्बल गार्डन की सैर की, पारंपरिक खेती पर संवाद किया और हरेला के लोक-सांस्कृतिक महत्व को दर्शाते एक सांस्कृतिक प्रस्तुति का आनंद लिया।  इस मौके पर पालिका सभासद सचिन गुहेर, कीन के प्रबधंक आपरेशन अशोक कुमार, सविता माया सहित वाइनबर्ग ऐलन स्कूल के शिक्षक अनिल चौधरी सहित स्कूल बे बच्चे मौजूद रहे।