मसूरी:- पर्यटन नगरी मसूरी में कैमल बैक रोड का अपना महत्व है, जो जहां स्थानीय नागरिकों को प्रातःकालीन भ्रमण सहित पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य से खासा आकर्षित करती है। लेकिन निर्माण रोड पर पडी निर्माण सामग्री व नाले खालों में मलवा डालने से पेड़ पौधों को भारी नुकसान हो रहा है, लेकिन संबंधित विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे जिस पर मार्निंग वॉक करने वाले ग्रुप ने आक्रोश व्यक्त किया व मिलकर मार्ग के किनारे पौधारोपण कर इसकी सुंदरता को बढाने का प्रयास किया।

पर्यटन नगरी मसूरी की सबसे प्रसिद्ध सड़कों में से एक कैमल्स बैक रोड जो करीब 3 किलोमीटर लंबी है, जिसका नाम पहाड़ी पर प्राकृतिक रूप से बने कैमल के कारण इस रोड का नाम कैमलबैक रोड पड़ा। अंग्रेजों के समय से ही यह मार्ग सुबह-शाम की सैर और घुड़सवारी के लिए प्रसिद्ध रहा है। यहाँ से सूर्योदय का मनोरम दृश्य व बर्फ से ढकी हिमालय की चोटियाँ व पहाड़ी गांव का अदभुद दृश्य दिखाई देता है। सड़क न केवल प्राकृतिक सौंदर्य बल्कि कई लोककथाओं और रहस्यमयी कहानियों का भी हिस्सा रही है। कैमल बैक रोड सुबह की सैर करने के लिए एक बहुत सुंदर जगह है यहां पर पर्यटक व मसूरी के सीनियर सिटीजन व माल रोड के सभी व्यापारी सुबह व शाम को भ्रमण करते है और प्राकृतिक दृश्य व हिमालय रेंज का आनंद प्राप्त करते हैं। लेकिन वर्तमान में कैमल बैक रोड मलवे का ढेर में तब्दील हो रखा है, वहीं निर्माण सामग्री पडी होने के साथ ही निर्माण का मलवा पहाडियों से नीचे डाले जाने से इसका सौंदर्य नष्ट हो गया है। जिसपर मॉर्निंग वॉक्स करने वाले ग्रुप ने आपस में बात कर एक मुहिम छेड़ी व समय समय पर रोड के किनारे पौधा रोपण का निर्णय लिया ताकि इस क्षेत्र की हिरयाली व जंगल को बचाया जा सके। जिसके तहत पौधा रोपण शुरू कर दिया गया है व समय समय पर पौधा रोपण किया जाता रहेगा। वहीं मलवा डालने वाले को भी रोका जाएगा। इस मौके पेड लगाने वालों में राजेश गोयल, भीमराज पुंडीर, सुमित कंसल, अश्वनी अग्रवाल, संजय गोयल, सुबोध कपूर, तेजपाल सिंह मौजूद रहे।

