मसूरी :- मसूरी स्थित एक होटल के सभागार में आयोजित राष्ट्रीय सहकारिता संघ द्वारा मध्य क्षेत्र राज्यों के लिए सहकारिता विकास पर सम्मेलन का आयोजन किया गया । प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने बतौर मुख्य अतिथि दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया । सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड ,छत्तीसगढ़, मणिपुर ,मध्य प्रदेश आदि राज्यों से अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया और सहकारिता के क्षेत्र में हो रहे विकास को लेकर विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि गणेश जोशी ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में सहकारी समितियों का विशेष योगदान है ,इसका लाभ प्रदेश के लाखों लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि और सहकारिता एक दूसरे से जुड़े हैं और आने वाले समय में पूरे देश को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्रालय गठन के बाद केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता के क्षेत्र में शानदार काम हो रहे हैं।
इस अवसर पर भारतीय सहकारिता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में लगभग साढ़े आठ लाख समितियां कार्य कर रही हैं, और लगभग साढ़े तीन करोड़ लोग इससे जुड़े हैं । उन्होंने कहा कि सहकारिता से जहां आम लोगों को फायदा मिल रहा है वही विभिन्न क्षेत्रों में सहकारी समितियां बेहतरीन कार्य कर रही हैं ,साथ ही केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा ही सहकारी समितियों को बढ़ावा दिया जा रहा है और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय सहकारिता गठबंधन एशिया प्रशांत के अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने बताया कि सहकारिता देश की सबसे बड़ी संस्था है और देश की सहकारिता संघ को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में काफी चुनौतियां हैं जिसे आज सम्मेलन में एक दूसरे से साझा किया गया और उसके निराकरण के लिए कई प्रस्ताव भी सदन में रखे गए ,उन्होंने बताया कि वर्ष भर का लेखा-जोखा सम्मेलन में रखा जाता है और आगे की योजनाओं के बारे में सभी को अवगत कराया जाता है। इस अवसर पर डॉ० सुनील कुमार सिंह, अजीत चौधरी, बीी एल मीणा, के शिव दासन, विजेंद्र सिंह, आदित्य चौहान, डॉ ० सुधीर महाजन, भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश रावत, मोहन पेटवाल, कुशाल सिंह राणा सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

