मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी के शहीद भगत सिंह चौक पर शहीद दिवस मनाया गया। इस मौके पर इप्टा की ओर से कार्यक्रम आयोजित कर शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया व उसके साथ ही देश की आजादी के लिए खुशी खुशी फांसी का फंदा चूमने वाले शहीदों भगत सिह, राजगुरू व सुखदेव को याद किया गया। वहीं इप्टा की ओर से जनगीत गाकर जनता में जोश भरा गया।
पर्यटन नगरी मसूरी में शहीद भगत सिंह चौक पर देश की आजादी में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शहीद भगत सिंह राजगुरु और सुखदेव को याद किया गया। इस मौके पर इप्टा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शहर के विभिन्न राजनैतिक व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने शहीद भगत सिंह की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की व साथ ही भगत सिंह, राजगुरू व सुखदेव को देश की आजादी में किए गये योगदान के लिए याद किया गया। इस मौके पर पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला ने कहा कि 23 मार्च 1931 को तत्कालीन ब्रिटिश सरकार द्वारा शहीद भगत सिंह ,राजगुरु और सुखदेव को फांसी की सजा दी गई थी जिसे आज पूरे देश में शहीदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह क्रांतिकारियों का बलिदान दिवस है, यहीं नहीं जालियांवाला बाग में ब्रिटिश सरकार ने वहां मौजूद लोगों को गोलियों से भूना तब लाला लाजपतराय ने विरोध किया तो उनको लाठी डंडों से पीटा गया। कार्यक्रम की आयोजक ममता राव ने कहा कि पिछले 25- 30 वर्षों से एप्टा द्वारा शहीद भगत सिंह चौक पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाता है और देश के उन महान नायकों को याद किया जाता है।
डॉ सोनिया आनंद रावत ने कहा कि हमारे बच्चों के अंदर भी इसी प्रकार का व्यवहार आना चाहिए कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना और देश के प्रति देशभक्ति का जज्बा होना चाहिए। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल ने कहा कि आज 88 वाँ शहीदी दिवस है और शहीद भगत सिंह द्वारा इस देश के लिए अल्प आयु में अपने प्राणों की आहुति दे दी। इस मौके पर इप्टा के कार्यकर्ताओं ने जनगीत गाये। इस मौके पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता, महिला कांग्रेस अध्यक्ष व सभासद जसबीर कौर, पुष्पा पडियार, सभासद अमित भटट, मनीष कुकसाल, राकेश अग्रवाल, अनुज तायल, प्रदीप भंडारी, सोबन सिह पंवार, विजय लक्ष्मी कोहली, गंभीर पंवार, संजय भटट सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
पर्यटन नगरी मसूरी में शहीद भगत सिंह चौक पर देश की आजादी में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शहीद भगत सिंह राजगुरु और सुखदेव को याद किया गया। इस मौके पर इप्टा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शहर के विभिन्न राजनैतिक व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने शहीद भगत सिंह की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की व साथ ही भगत सिंह, राजगुरू व सुखदेव को देश की आजादी में किए गये योगदान के लिए याद किया गया। इस मौके पर पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला ने कहा कि 23 मार्च 1931 को तत्कालीन ब्रिटिश सरकार द्वारा शहीद भगत सिंह ,राजगुरु और सुखदेव को फांसी की सजा दी गई थी जिसे आज पूरे देश में शहीदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह क्रांतिकारियों का बलिदान दिवस है, यहीं नहीं जालियांवाला बाग में ब्रिटिश सरकार ने वहां मौजूद लोगों को गोलियों से भूना तब लाला लाजपतराय ने विरोध किया तो उनको लाठी डंडों से पीटा गया। कार्यक्रम की आयोजक ममता राव ने कहा कि पिछले 25- 30 वर्षों से एप्टा द्वारा शहीद भगत सिंह चौक पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाता है और देश के उन महान नायकों को याद किया जाता है।
डॉ सोनिया आनंद रावत ने कहा कि हमारे बच्चों के अंदर भी इसी प्रकार का व्यवहार आना चाहिए कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना और देश के प्रति देशभक्ति का जज्बा होना चाहिए। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल ने कहा कि आज 88 वाँ शहीदी दिवस है और शहीद भगत सिंह द्वारा इस देश के लिए अल्प आयु में अपने प्राणों की आहुति दे दी। इस मौके पर इप्टा के कार्यकर्ताओं ने जनगीत गाये। इस मौके पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता, महिला कांग्रेस अध्यक्ष व सभासद जसबीर कौर, पुष्पा पडियार, सभासद अमित भटट, मनीष कुकसाल, राकेश अग्रवाल, अनुज तायल, प्रदीप भंडारी, सोबन सिह पंवार, विजय लक्ष्मी कोहली, गंभीर पंवार, संजय भटट सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

