कोल्हूखेत में लग रहा है लम्बा जाम,,यहां पर फास्ट टैग लगाया जाना हो गया जरूरी।


मसूरी। मसूरी में अब धीरे-धीरे पर्यटन सीजन शुरू हो रहा है ऐसे में जहां एक और सरकार द्वारा वैली ब्रिज बनकर मसूरी वासियों को साथ ही पर्यटकों को भी राहत देने का काम किया गया है वहीं अब कोल्हूखेत स्थित ईको टैक्स बैरियर पर तीन से चार किलोमीटर का जाम लगना शुरू हो गया है। जिससे स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों की भी मांग है कि यहां पर फास्ट टैग लगाया जाए ताकि पर्यटकों को और स्थानीय लोगों को जान से मुक्ति मिल सके।
जहां एक और दिल्ली से देहरादून पहुंचने में मात्र ढाई घंटे का समय लग रहा है वहीं देहरादून से मसूरी पहुंचने में लगभग चार से पांच घंटे का समय लग जाता है जिसके कारण धीरे-धीरे पर्यटकों का मसूरी से मोह भंग होना शुरू हो गया है अपने परिवार के साथ मसूरी आने वाले पर्यटक घंटों जाम में फंस रहे हैं वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां पर टिहरी उत्तरकाशी और मसूरी जाने वाले लोगों के साथ ही सरकारी बसों के लिए मार्ग को और चौड़ा किया जाना चाहिए ताकि टैक्स फ्री लोग आसानी से यहां से गुजर सके इसके साथ ही स्थानीय लोगों ने ईको टेक्स से मिलने वाले धनराशि को लेकर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। बाहर से आने वाले वाहनों पर फास्ट टैग लगा रहता है जिससे आसानी से भुगतान किया जा सकता है। लेकिन ईको टैक्स बैरियर संचालित करने वाले ठेकेदार द्वारा मनमानी की जाती है जिससे राजस्व की हानि भी होती है। स्थानीय निवासी और आरटीआई कार्यकर्ता निधि बहुगुणा ने बताया कि अब टेक्नोलॉजी इतनी तेज हो गई है कि हम आसानी से कार्य कर सकते हैं और फर्स्ट टैग तो अब आम लोगों की जरूरत हो गई है ऐसे में नगर पालिका को चाहिए कि यहां पर फास्ट ट्रैग लगाया जाए, बाहर से आने वाले लगभग सभी वाहनों में फास्ट टैग लगा होता हैउन्होंने बताया कि उनके द्वारा पूर्व में भी आरटीआई के माध्यम से सूचना मांगी गई थी कि ईको टैक्स से नगर पालिका की कितनी आय होती है और इसका धन कहां पर खर्च किया जाता है लेकिन नगर पालिका द्वारा  कोई संतुष्ट जवाब नहीं मिल पाया। स्थानीय निवासी प्रदीप भंडारी ने बताया कि नगर पालिका परिषद द्वारा बार-बार कहा जाता है कि यहां पर फास्ट टैग लगाया जाएगा लेकिन अब तक यह कार्य नहीं हो पाया है उन्होंने कहा कि हर रोज यहां पर तीन से चार किलोमीटर तक लंबा जाम लग जाता है और जिन्हें ईको टैक्स में छूट दी गई है उन्हें भी घंटो जाम में फंसा रहना पड़ता है नगर पालिका मसूरी को उनके लिए भी व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ईको टैक्स से प्राप्त होने वाली धनराशि को किस मद में खर्च किया जा रहा है इसकी भी जानकारी नगर पालिका को देनी चाहिए।  मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि जब इसका संचालन शुरू किया गया था तब स्थानीय लोगों से शुल्क नहीं लिए जाने के प्रस्ताव के साथ ही टिहरी ,उत्तरकाशी जाने वाले लोगों को भी टैक्स में छूट दी गई थी लेकिन संचालक द्वारा मनमानी की जा रही है और उनके कर्मचारियों द्वारा टैक्स लेने में लंबा समय लगने के कारण लंबा जाम लग जाता है। उन्होंने मांग की कि यदि नगर पालिका द्वारा इस पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो मजबूरन उन्हें धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यहां पर फास्ट ट्रैग लगाना अनिवार्य है जिसके लिए नगर पालिका अध्यक्ष से वार्ता की जाएगी।