मजदूर संध ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर ई रिक्शा संचालन व सिफन कोर्ट के बेघरों का आवास देने की मांग की।

मसूरी। मजदूर संघ मसूरी ने सामाजिक कार्यकर्ता मनीष गौनियाल के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर रिक्शा मजदूरों के पुनर्वास, मसूरी में ई रिक्शा संचालित किए जाने व सिफन कोर्ट के बेधर मजदूरों को आवास दिलाने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया।
ज्ञापन में कहा गया कि मसूरी में साइकिल रिक्शा के स्थान पर ई रिक्शा का संचालन करने के लिए प्रदेश सरकार व शासन प्रयासरत है, इस संबंध में वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री कार्यालय व उत्तराखंड शासन ने कार्रवाई हेतु नगर पालिका को आदेशित किया था लेकिन आज तक इस दिशा में कार्य नहीं किया गया हालंाकि समय समय पर बैठके की गई लेकिन इस पर अमली जामा पहनाने में असफल रही। जबकि साइकिल रिक्शा चलाने वाले ई रिक्शा संचालन के लिए तैयार है। जिलाधिकारी से मांग की गई कि मसूरी में साइकिल रिक्शा के स्थान पर ई रिक्शा का संचालन किया जाय व जो मजदूर ई रिक्शा नहीं चलाना चाहते उनका पुनर्वास किया जाय। वहीं एक और ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया गया जिसमें कहा गया कि लाइब्रेरी में रोपवे के नाम पर वर्ष 2020 में 80 मजूदर परिवारों को बेघर किया गया लेकिन आज तक उनको विस्थापित नहीं किया गया जबकि नगर पालिका ने भूमि उपलब्ध करवाई व माता मंगला के हंस फाउंडेशन के माध्यम से आवास बनाने का मंत्री गणेश जोशी से शिलान्यास भी किया था, लेकिन आज तक उनके आवास नहीं बनाये गये। जिलाधिकारी से मांग की गई कि आवासहीन मजदूर परिवारों की दयनीय स्थिति को देखते हुए उनके आवास की व्यवस्था कर उन्हें न्याय दिया जाय। ज्ञापन देने वालों में सामाजिक कार्यकर्ता मनीष गौनियाल, मजदूर संघ अध्यक्ष रणजीत चौहान, महामंत्री संजय टम्टा, विरेंद्र सिह, खिमानंद नौटियाल, महावीर सिंह पंवार, मोहन सिंह कठैत, महावीर सिंह कैतुरा आदि शामिल थे।