मसूरी:- नगर पालिका के द्वारा लाइब्रेरी स्थित क्राइस्ट चर्च को गिरासू श्रेणी में डाल कर तोड़ने के नोटिस पर मसूरी हिस्टोरिक क्रिश्चन मूमेंट सेव फोरम ने नायब तहसीलदार के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर मांग की है कि यह क्रिश्चन समाज का ऐतिहासिक चर्च है व पूरी तरह सुरक्षित है इसको गिरासू भवन की श्रेणी से अलग किया जाय।
जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में कहा गया कि मसूरी में ऐतिहासिक धार्मिक संपत्ति क्राइस्ट चर्च जिसका निर्माण 1830 में ब्रिटिश शासन काल में किया गया था लेकिन इस ऐतिहासिक धरोहर को नगर पालिका ने गिरासू भवन के नाम पर भू माफियाओं के इशारे पर 24 घंटे के अंदर तोड़े जाने का फरमान बिना धार्मिक आस्था को ध्यान में रखे दे दिया है। जिससे इसाई समाज की धार्मिक भावना को भारी आघात पहुचाया गया है जबकि उक्त चर्च में न तो कोई दरार है तथा किसी भी दशा में गिरासू भवन की श्रेणी में नहीं है। इससे लगता है कि चर्च को बिना किसी कारण किसी के इशारे पर गिराने का षड़यंत्र रचा गया है। जिसका संज्ञान लेते हुए चर्च को गिराने के फरमान को तुरंत रदद किया जाय। ज्ञापन देने वालों में संयोजक प्रेम सिंह ने कहा कि यह मसूरी का ऐतिहासिक चर्च है जिसे तोड़ने का इसाई समाज द्वारा विरोध किया जा रहा है, यह भवन पूरी तरह सुरक्षित व मसूरी की ऐतिहासिक धरोहर की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि चर्च का एक हिस्सा भूमाफिया ने खरीदा हुआ है जबकि चर्च की संपत्ति बेची नहीं जा सकती ऐसा आदेश सर्वोच्च न्यायालय का है। उन्होंने कहा कि अगर इसके बाद भी चर्च को तोडने की कार्रवाई की जाती है तो वह इसके लिए मख्य सचिव के पास जायेंगे व आंदोलन करेंगे। वहीं व्यापार संघ के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि मसूरी का प्राचीन चर्च को गिरासू भवन की श्रेणी में लाकर तोडने का प्रयास किया जा रहा है जबकि यह गिरासू नहीं है पूरी तरह सुरक्षित है ऐसा लगता है कि नगर पालिका ने सही सर्वे नहीं किया है,इस पर प्रशासन को संज्ञान लेना चाहिए व ऐतिहासिक धरोहरों को बचाना सभी का कर्तव्य बनता है। ऐसे में शांति बनी रहनी चाहिए कोई भी ऐसा कार्य नहीं होना चाहिए जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो।इस अवसर पर नायब तहसीलदार कमल राठौर ने कहा कि इसाई समाज ने ज्ञापन दिया है जिसमें उन्होंने चर्च की संपत्ति को तोडने के बारे में कहा है ज्ञापन पर उच्चाधिकारियों को सूचित किया जायेगा व विधिक कार्यवाही की जायेगी। इस अवसर पर नीरज सिंह, रोहित प्रसाद, विजय मैसी, सुष्मिता मैसी, जगजीत कुकरेजा, नागेद्र उनियाल, जोगेदर सिंह, राजेश शर्मा, मनोज अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

