मसूरी:- मिथिला पुरी में बारिश की त्राहिमाम के बीच राजा जनक का हल जोतकर मां जानकी के जन्म की खुशी वहीं अयोध्या में नर रूप में नारायण के साथ भरत, लक्ष्मण, शत्रुघन के जन्म के उत्साह पूर्ण माहौल से दर्शक भाव विभोर हो गये।
प्राकृतिक छटा से मन को लुभावने वाली देवल सारी बंग सील में आयोजित राम लीला के दूसरे दिन के मंचन में अयोध्या के राजा दशरथ की टूटती उम्मीदों पर प्रभु की कृपा से चार बच्चो के जन्म की किलकारियों ने अयोध्या के सन्नाटे को खुशी की बौछारों के बीच जगमगा उठा तो वहीं मिथिला पुरी में सूखे की मार झेलते मिथिला निवासियों के आग्रह पर राजा जनक को हल जोतना पड़ा है, हल जोतते ही धरती कि कोख से उत्त्पन जगत जननी सीता माता के जन्म से मिथिला पुरी का हर कण कण खुशियों के लहरों में तर बत्तर हो उठा। अयोध्या में राम जन्म और मिथिला में मां सीता जन्म के सुंदर प्रसंग का मचन करते हुऐ कलाकारों ने खासा समा बांधे रखा है, व अपनी अभिनय कला से दर्शकों को देर रात्रि तक बैठने पर मजबूर किया। बड़ी तादात में दर्शक रामलीला के सुंदर मंचन का नयना विराम करते रहे। इस मौके पर कमेटी के अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह पंवार निर्देशक कमल किशोर नौटियाल ने कहा कि लंबे अर्से बाद आयोजित रामलीला और प्रभु के प्रति आस्था का प्रतिफल है कि महिलाओं से लेकर बड़े बुजुर्गों में भारी उत्साह है। इस मौके पर कमेटी के सचिव दीपक मेलवान, संगीत निर्देशक शांति प्रसाद चमोली, राम प्रकाश भट्ट, हरिलाल, संदीप राणा, मुनीम प्रधान, जगमोहन सब्रियाल, गुरुप्रसाद नौटियाल, मनोरमा नौटियाल, दिलमनी गौड़, सुमित राणा, मिजान सिंह सहित बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।

