मसूरी:- फ्रागरेंस एंड फ्लावर्स इंस्टीट्यूट में एक माह तक चलने वाली इंटर्नशिप कार्यशाला कार्यक्रम का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि व्यापार संघ के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने किया।
डॉ ओम प्रकाश दुग्गल चौरिटेबल संस्था के तत्वाधान में चलाये जाने वाली इस कार्यशाला में सुगंध पौधों से बनाये जाने वाले इत्र व सुगंध तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जायेगा। मसूरी में विभिन्न प्रजातियों के फूल पौधों पर खोज करके संस्थान में विभिन्न प्रकार के इत्र सुगंध तैयार की जाती है और इनसे कई के रोगों में स्वास्थ्य लाभ मिलता है। कार्यशाला में इसकी जानकारी भी विषय विशेषज्ञों द्वारा दी जायेगी। आरगेनिक फार्मिग करने व इससे मिलने वाले लाभ के बारे में भी कार्यशाला में विस्तार से चर्चा की जायेगी व इसके लाभों के बारे में बताया जायेगा। वहीं विभिन्न औषधियों, जूस, जैम आदि बनाने का प्रशिक्षण भी दिया जायेगा। इस अवसर पर कुमारी स्तुति पंवार ने उत्तराखंड शैली पर घर बनाने की जानकारी दी गयी और किस प्रकार से वातावरण को दूषित किए बिना अपना मकान बनायें इस पर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि रजत अग्रवाल ने कहा कि फ्रागरेंस एंड फ्लावर्स इंस्टीटयूट मसूरी व आस पास के लोगों को फूलों की खेती व इससे स्व रोजगार से जोड़ने का यह सराहनीय प्रयास है, इससे यहां के युवकों व युवतियों को लाभ मिलेगा व इस क्षेत्र में आगे बढने का मौका मिलेगा। इस अवसर पर संस्थापक डा. ज्योति मारवाह ने बताया कि संस्था लंबे समय में विभिन्न प्रकार के फूलों से इत्र बनाकर युवाओं को रोजगार देने का प्रयास कर रही है व इस क्षेत्र में नयी खोज व विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनाने का प्रक्षिक्षण देकर उन्हें प्रकृति से जोड कर रोजगार के संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। इस अवसर पर स्तुति पंवार, आशुतोष, अशोक महेंद्रू, रिक्की, जोगिंदर कुकरेजा, अतुल अग्रवाल, राजेश शर्मा सहित कार्यशाला में आये प्रशिक्षु व विशेषज्ञ मौजूद रहे।
डॉ ओम प्रकाश दुग्गल चौरिटेबल संस्था के तत्वाधान में चलाये जाने वाली इस कार्यशाला में सुगंध पौधों से बनाये जाने वाले इत्र व सुगंध तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जायेगा। मसूरी में विभिन्न प्रजातियों के फूल पौधों पर खोज करके संस्थान में विभिन्न प्रकार के इत्र सुगंध तैयार की जाती है और इनसे कई के रोगों में स्वास्थ्य लाभ मिलता है। कार्यशाला में इसकी जानकारी भी विषय विशेषज्ञों द्वारा दी जायेगी। आरगेनिक फार्मिग करने व इससे मिलने वाले लाभ के बारे में भी कार्यशाला में विस्तार से चर्चा की जायेगी व इसके लाभों के बारे में बताया जायेगा। वहीं विभिन्न औषधियों, जूस, जैम आदि बनाने का प्रशिक्षण भी दिया जायेगा। इस अवसर पर कुमारी स्तुति पंवार ने उत्तराखंड शैली पर घर बनाने की जानकारी दी गयी और किस प्रकार से वातावरण को दूषित किए बिना अपना मकान बनायें इस पर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि रजत अग्रवाल ने कहा कि फ्रागरेंस एंड फ्लावर्स इंस्टीटयूट मसूरी व आस पास के लोगों को फूलों की खेती व इससे स्व रोजगार से जोड़ने का यह सराहनीय प्रयास है, इससे यहां के युवकों व युवतियों को लाभ मिलेगा व इस क्षेत्र में आगे बढने का मौका मिलेगा। इस अवसर पर संस्थापक डा. ज्योति मारवाह ने बताया कि संस्था लंबे समय में विभिन्न प्रकार के फूलों से इत्र बनाकर युवाओं को रोजगार देने का प्रयास कर रही है व इस क्षेत्र में नयी खोज व विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनाने का प्रक्षिक्षण देकर उन्हें प्रकृति से जोड कर रोजगार के संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। इस अवसर पर स्तुति पंवार, आशुतोष, अशोक महेंद्रू, रिक्की, जोगिंदर कुकरेजा, अतुल अग्रवाल, राजेश शर्मा सहित कार्यशाला में आये प्रशिक्षु व विशेषज्ञ मौजूद रहे।

