पूर्व डीआईजी चमोली को लाइफ अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गयां।

मसूरी:=मसूरी फ्रागरेंस एंड फ्लावर्स इंस्टीटयूट के तत्वाधान में इंटरप्नियूरल इंटरशिप कार्यक्रम में प्रकृति के फूल पौधौं व औषधीय पौधों से बनाये गये इत्र, साबुन व अन्य उत्पादों के बारे में जानकारी दी गई व इसके लाभ के बारे में बताया गया। इस मौके पर हिमालयन साहसिक संस्थान के अध्यक्ष पूर्व डीआईजी एसपी चमोली को उनकी उपलब्धियों के लिए डा. ओम प्रकाश दुग्गल चेरिटेबल सोसायटी की ओर से पहले लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड व गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।
हिम सुरभि अरोमा म्यूजियम के सभागार में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य अतिथि पूर्व डीआईजी एसपी चमोली व डा.ज्योति मारवाह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि एसपी चमोली ने कहा कि डा. ज्योति मरवाह ने डा. ओम प्रकाश दुग्गल चेरिटेबल सोसाइटी की ओर से लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार व गोल्ड मेडल दिया गया। उन्होंने कहा कि यह सोसाइटी इतना महत्वपूर्व कार्य कर रही है जिसका पूरे उत्तराखंड की आर्थिकी के लिए जरूरी है, पेड़ पौधौ, फूलों आदि से तेल निकाला जा रहा है जिसका विभिन्न क्षेत्रो में उपयोग किया जा रहा है इस तकनीकि को गांव गांव तक पहुचाने की जरूरत है व आने वाले समय में यह उद्योग के रूप में पनप सकता है। वहीं तेल के साथ साबुन बनाये जा रह है। उन्होंने कहाकि सरकार की ओर से इस क्षेत्र में पूरा सहयोग नहीं मिल पा रहा है सरकार को स्कूल स्तर पर इसकी शिक्षा देनी चाहिए ताकि वह स्वरोजगार के तहत प्रकृति से उत्पन्न इन चीजों का उपयोग कर सकें। इस मौके पर डा. ज्योेित मारवाह ने कहा कि एसपी चमोली को पहला लाइफ टाइम अवीचमेंट अवार्ड दिया गया ताकि अन्य उनके अनुभवों से सीखें। उन्होंने कहा कि वह युवा पीढी को इस प्रकार का प्रशिक्षण देकर उन्हें आगे बढाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने जो कुछ भी किया वह अपने जीवनभर की पूंजी लगाकर किया है लेकिन इसका लाभ युवा पीढी कितना ले सकती है यह समय पर निर्भर करता है। इससे सीखे  इस मौके पर प्रशिक्षण समाप्त कर चुकी री रामानाय ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2020 में ऑन लाइन इंटरप्योनियर शिप की थी लेकिन इस वर्ष उन्होंने यहां आकर इसका प्रशिक्षण लिया। इसके बाद इस वर्ष अनुरोध किया  िकवह यूएस से आकर यहंा इसका प्रशिक्षण लेना चाहती है, उनकी सहमति के बाद यहा आई। उन्होंने बताया कि उन्होेने नेचुरल स्किन व हेयरकट प्रोडक्ट बनाने का इंनरस्ट है, उन्होंने समय दिया व 45 दिनों तक प्रशिक्षण लिया। उन्हांेने कहा कि उत्तरांखड में वन बहुत हैं विभिन्न प्रकार के पेड़ पौधें, एरोमेटिक व मेडिसनल प्लांट है जिनका सदियों से प्रयोग किया जाता रहा है लेकिन युवा पीढी को इसका पता नहीं है। इस पर उन्होंने इस क्षेत्र में कार्य करने का निर्णय लिया व अमेरिका में इसका व्यवसाय करेंगी। इस मौके पर दिल्ली से आये सुभाष कुमार राय ने कहा कि उन्होंने यहां आकर प्रकृति से जुड़े पेड़ पौधौ से स्किन, सोप आदि बनाये जा रह है, उन्होंने कहाकि कुछ भी वेस्ट नहीं होता सभी का प्रयोग करे व प्रकृति के उत्पादों को बनाकर लोगों को प्रस्तुत करे। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि एफआरआई से डा. वीके वार्षणेय, डा0 अजय ठाकुर, डा. प्रियंका ठाकुर व सेल्विया एनी महेंद्रू ने भी कार्यक्रम को संबंोधित किया। इस मौके पर ललित मोहन काला, अशोक महेंद्रू, रमेश चमोली, माधुरी चमोली आदि मौजूद रहे।