मसूरी: – मसूरी नगर पालिका परिषद चुनाव को लेकर जनता में खासा उत्साह देखा गया। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदान करने के लिए लाइनें लग गयी थी जो दिनभर जारी रही वहीं मतदान केंद्रों के बाहर भी हर बूथ पर खासी भीड़ नजर आयी, जिससे लगता है कि मतदाताओं में अपने वार्ड के प्रतिनिधियो व नगर पालिकाध्यक्ष को चुनने व मत डालने के लिए भारी उत्साहित हैं। मसूरी में साठ प्रतिशत से अधिक मतदान होने का संभावना जताई जा रही है, समाचार लिखे जाने तक 58 प्रतिशत से अधिक मतदान हो चुका था।
मसूरी नगर पालिका चुनाव को लेकर मतदाताओं के इस बार खासा उत्साह देखा गया। मसूरी के 13 वार्डों सहित अध्यक्ष पद के लिए सुबह आठ बजे मतदान शुरू हुआ व सुबह से ही पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की लाइन लगनी शुरू हो गयी थी जो दिन भर जारी रही। मसूरी के सभी बूथों पर मतदाताओं की लंबी लाइनें लगने से लगता है कि इस बार मतदाताओं के मतदान को लेकर खासा उत्साह है। जिन मतदाताओं ने पहली बार वोट दिया उनमें खासा उत्साह देखा गया। इस मौके पर पहली बार अपने मत का प्रयोग कर रही वार्ड नंबर आठ से कनिका भंडारी ने कहाकि उन्होने पहली बार अपने मत का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि मेरी मसूरी सुंदर बने, यहां का विकास हो, हर हाथ को रोेजगार मिले सभी संतुष्ट हो इसको लेकर वोट दिया, अगर ऐसा नहीं होगा तो हमारा मत बेकार जायेगा, उम्मीद है कि जो जीते मसूरी के हित के लिए कार्य करें। इस अवसर पर वार्ड नंबर 9 के मतदाता रितिक बिजलवाण ने कहा कि वह पहली बार मत दे रहे है व इस उम्मीद से मत दे रहे है कि मसूरी की समस्याओं का समाधान हो मसूरी का विकास हो, रोजगार हो, युवाओं को रोजगार मिले, महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हो इसके लिए वोट दिया। हम चाहते है कि जो जनप्रतिधि जीते वह मसूरी के विकास के लिए कार्य करे जनता की समस्याओं का समाधान करे। चुनाव को लेकर पुलिस की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी वह हर बूथ पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात था वहीं पुलिस की मोबाइल टीम भी घूम रही थी। मसूरी के 13 वाडों के लिए तीस मतदान केंद्र बनाये गये हैं जिनमें 19 पोलिंग बूथ संवेदनशील है जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मसूरी नगर पालिका के 25231 मतदाता अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ रहे पांच प्रत्याशियों व 13 वार्डों में चुनाव लड़ रहे 62 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे, अभी इन सबका भाग्य मतपेटियों के कैद हो गया है।सभी मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से मतदान संपन्न हुआ है।
नगर पालिका परिषद चुनाव को लेकर जहां मतदाताओं के उत्साह देखा गया वहीं कई मतदाताओं को लिस्ट में नाम न होने से निराश होकर लौटना पड़ा ।जिससे उनमें आक्रोश भी देखा गया। मसूरी के कई ऐसे मतदाता थे जो वर्षों से मतदान कर रहे थे व इस बार उनके नाम लिस्ट से गायब नजर आये, वहीं वे मतदान करने केे लिए कई जगह भटकते रहे कि किसी लिस्ट में उनका नाम होगा। मतदाता सूरत सिंह रावत का कहना है कि जब नगर पालिका में लिस्टे बन कर आयी थी तो तब भी नाम गायब होने पर एसडीएम को लिखित शिकायत की थी जिस पर एसडीएम ने बीएलओं को नाम चढाने के लिए कहा था व संस्तुति दी थी लेकिन उसके बाद भी नाम न चढने पर उन्होंने इसे साजिश करार दिया व कहा कि जानबूझ कर पूरे परिवार के नाम कटवाये गये है। वहीं मतदाता हरीश कालरा व रवीद्र रौथाण ने कहा कि जब वह परिवार के साथ मतदान केंद्र पर पहुंचे तो पता चला कि उनके पूरे परिवार के नाम गायब है, कई बार लिस्ट देखने के बाद भी जब नाम नहीं मिले तो निराश होकर घर लौटना पड़़ा जबकि वह हर चुनाव में मतदान करते है। वहीं जबकि कई मतदाताओं के नाम लिस्टों में दो दो बार चढे है व कुछ मतदाताओं के नाम विभिन्न वार्डो से चढे है जो कि जांच का विषय है कि आखिर इतनी सतर्कता के बाद गड़बडी कैसे हो गई।
मतदान केंद्रों को लेकर भी कई लोगों में नाराजगी देखी गई। कई मतदान केंद्र ऐसे बनाये गये जहां पर बुजुर्ग मतदाताओं को मत देने के लिए जाना कठिन हो रहा था, व कई मतदाताओं के वोट उनके वार्ड में न चढा कर दूसरे वार्डों में चढाये गये थे। कुछ की शिकायत थी कि उनका मतदान केद्र दूर बनाया गया था। मतदाता पीएस पटवाल का कहना था कि मतदान केंद्र वार्ड के नजदीक व ऐसे स्थान पर बनाये जाने चाहिए जहां जाने के लिए मतदाताओं को परेशानी न हो खास कर बुजुर्ग मतदाताओं की परेशानी को देखा जाना चाहिए। मतदान केद्र दूर होने या चढाई चढने के बात मतदान केंद्र पर पहुंचने के लिए मतदाताओं को परेशानी उठानी पड़ी न हीं बूथों पर बुजुर्ग मतदाताओं को मतदेय स्थल तक ले जाने की कोई व्यवस्था नजर आयी।

मतदान करने आये मतदाताओं को मतदान केंद्र न मिलने से भारी परेशानी हुई व इस बार कई मतदान केंद्र पर वोट डालने जब मतदाता गये तो उन्हें बताया गया कि उनका वोट दूसरे मतदान केंद्र पर है। इस बार जो मतदान केंद्र बनाये गये उससे लोगों में खासा आक्रोश दिखा। कई मतदान केंद्र ऐसे थे जो मतदाताओं के घरों के नजदीक थे लेकिन उनका बूथ उनके घर से तीन से चार किमी दूर बनाया गया। जो लोग बालाहिसार में रहते हैं उनका मतदान केंद्र गुरू राम राय स्कूल लक्ष्मण पुरी बनाया गया जबकि अंडाखेत व राजमंडी में रहने वालों का मतदान केंद्र वन विभाग कार्यालय बनाया गया।

