काबीना मंत्री प्रेमंचद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर समिति का गठन, कार्यवाही न हुई तो मुख्यमंत्री आवास कूच का लिया फैसला।

मसूरी:-  प्रदेश के काबीना मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल के खिलाफ आंदोलन को तेज करने व मसूरी की विभिन्न समस्याओं के समाधान करने के लिए उत्तराखंड बचाओं संयुक्त संघर्ष समिति का गठन किया गया, जिसमें विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों को लिया गया। वहीं निर्णय लिया गया कि प्रदेश के काबीना मंत्री के खिलाफ कार्रवाई न होने पर 15 दिन बाद मसूरी से मशाल जुलूस निकाला जायेगा जो पैदल देेहरादून जाकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगा।
एक होटल के सभागार में आयोजित बैठक में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों व राज्य आंदोलनकारियों की संयुक्त बैठक की गई जिसकी अध्यक्षता उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष देवी गोदियाल ने की। बैठक में उत्तराखंड बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति का गठन किया गया व विस्तार के लिए संयोजक मंडल का गठन किया गया जिसमें देवी गोदियाल, प्रताप पंवार, दर्शन रावत, प्रदीप भंडारी, भरत सिंह चौहान, मुलायम सिंह प्रमुख होगें। बैठक में निर्णय लिया गया कि पहाड़ विरोधी काबीना मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल को जब तक बर्खास्त नहीं किया गया आंदोलन जारी रहेगा। वहीं पहाड़ के विरोध में बयानबाजी करने वाले मंत्रियों व नेताओं की बैठक में कड़े शब्दों में निंदा की गयी वहीं बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को 15 दिनों का समय दिया गया है कि वे पहाड को गाली देने वाले भ्रष्ट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल को बर्खास्त करें अन्यथा 15 दिन बाद मसूरी के शहीद स्थल से मुख्यमंत्री आवास कूच किया जायेगा व घेराव किया जायेगा। इस मौके पर देवी गोदियाल ने कहा कि प्रदेश को बचाने के लिए बड़े आंदोलन की जरूरत है, जल जंगल जमीन के लिए संघर्ष करना होगा। राज्य बनने के बाद उत्तराखंड वासियों के हक हकूक नहीं मिले व प्रदेश की जनता को आपस में लडाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होेने आहवान किया कि सभी उत्तराखंड निवासियों को लामबंद होकर अपने अधिकारों के लिए लंबी लड़ाई लड़नी होगी। प्रदीप भंडारी ने कहा कि जो उत्तराखंड में रहते है वह सभी पहाड़ी है, लेकिन प्रदेश के काबीना मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने सदन में जो गाली दी उसे कतई बर्दास्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहाकि प्रेमचंद अग्रवाल ने पहाड़ को जो गाली दी वह अत्यंत निंदनीय है, जो लोग उत्तराखंड में रहते है सभी पहाड़ी हैं, लेकिन लोग इसे देशी पहा़डी करने का प्रयास कर रहे हैं जो गलत है। उन्हानें कहा कि उत्तराखंड राजय आंदोलन में मसूरी ने अग्रणी भूमिका निभाई थी उसी तर्ज पर मसूरी से ही उत्तराखंड को बचाने के लिए संघर्ष समिति का गठन किया जा रहा है। यह आंदोलन पूरे उत्तराखंड में शुरू हो चुका है, कहीं ऐसा न हो कि मुख्यंमत्री तक इसकी आंच पहुंचे इस लिए उनके खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। इस मौके पर एटक अध्यक्ष आरपी बडोनी ने कहा कि जिस तर्ज पर राज्य आंदोलन चलाया गया उसी तर्ज पर यह आंदोलन किया जायेगा। बडे शर्म की बात है कि विपक्ष में केवल एक विधायक ने बोला बाकी सभी चुप रहे, भाजपा व कांग्रेस दोनोही राज्य विरोधी है, लेकिन अब जनता अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करेगी। इस मौके पर पूरण जुयाल, सुनीता सेमवाल, पूरण नेगी, सुनील उनियाल, नीलम चौहान, कमलेश भंडारी, संजय टम्टा, राधेश्याम शर्मा, आदि मौजूद रहे।