मसूरी:- बालाहिसार स्थित अंग्रेजी लेखक बिल एटकिन के मरने के तुंरत बाद उनके आवास पर बाहरी लोगों ने कब्जे का प्रयास किया जिसकी तहरीर कोतवाली को दी गई है।
बिल एटकिन के पारिवारिक सदस्य अधिवक्ता अरंविंद चौहान ने बताया कि बिल एटकिन की मौत कल हुई थी जिनका अंतिम संस्कार हरिद्वार में किया गया। उनके आवास पर उन्होंने सुबह उनके घर पर दीपक जलाया व पास ही में अपने आवास पर नाश्ता करने आये व जब वह नाश्ता करके बाहर आये तो देखा कि उनके आवास से कुछ आवाजें आ रही है व वे उनके घर पर घुसेे है व अंदर से फटटा लगाकर बंद कर दिया है। उन्होंने बताया कि उनके आवास पर कब्जा करने की दृष्टि से यह कार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि वह उनके परिवार के सदस्य थे व उनकी देखभाल करते थे। उन्होंने बताया कि उनका सारा सामान जिसमें गैस कनेक्शन, फर्नीचर, फ्रिज, एक्वागार्ड, टेलीफोन, टीवी, सहित सारा सामान अंदर है, उन्होंने बताया कि वह ट्रेवलर राइटर थे उन्होंने 14पुस्तकें लिखी है। उन्होंने बताया कि यह संपत्ति महारानी पृथ्वी जींद की है जिनके मरने के बाद यह ट्रनाया गया व उसमें बिल एटकिन को रहने का पूरा अधिकार था। लेकिन उनके मरने के बाद पटियाला से आये प्रदीप सिंह व गीतांजलि ने भवन पर कब्जा करने का प्रयास किया। जिसकी सूचना पुलिस की दी गई है व पुलिस ने मौके पर आकर जांच की। वहीं कोतवाल संतोष कुंवर ने कहा कि जो आरोप लगाये जा रहे है कि मकान पर कब्जा किया जा रहा है वह बेबुनियाद है।

