नगर पालिका चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट , एक वर्ष में नहीं हुए विकास कार्य- अनुज गुप्ता

मसूरी। नगर पालिका परिषद के कार्यकाल को एक वर्ष पूरा होने पर पूर्व पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने कहा कि गत एक वर्ष पूरा भ्रष्टाचार से भरा रहा, मसूरी के इतिहास में पहली बार गरीबों ने बददुआ रैली निकाली, सेंटमेरी खोलने की घोषणा हवा साबित हुई, सड़कों के सुधारीकरण की बजाय पैसा नाले खालों में लगाया गया, कोई नई पार्किग नहीं बनी, शौचालयों के निर्माण में लीपापोती की गयी, कोई आवासीय कालोनी नहीं बनी, वहीं द्वेष भावना से कार्य किया जा रहा है।
पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने पत्रकार वार्ता में कहा कि डोर टू डोर कुडा निस्तारण में बड़ा खेल किया गया जिस संस्था ने पालिका को स्वच्छता में पहले स्थान पर पहुंचाया उसी संस्था को षड़यंत्र के तहत बाहर कर महाराष्ट्र की संस्था को कार्य दिया गया, वहीं पुरानी संस्था दस लाख प्रतिमाह में कार्य कर रही थी व नई सस्था को 25 लाख प्रतिमाह पर कार्य दिया गया, शहर को जाम से निजात दिलाने पर पालिका ने इसे गंभीरता से नहीं लिया व इस संवेदनशील विषय पर एक वर्ष में कोई डीपीआर पार्किग की नहीं बनी व जो पुरानी बोर्ड में डीपीआर बनी थी उसे निरस्त कर दिया गया, पालिका ने विकास कार्यों की धनराशि को अपने निजी चहेतों के लिए चार करोड़ के प्राकृतिक नालों में लगाया। जब कि शहर की सभी सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। जो सड़कें बनी उसमें गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। लंढौर बाजार धंस रहा है, उसे न देखते हुए हुसैनगंज में अपने चहेते ठेकेदार के होटल की संडक का चौडीकरण कर बनाया गया, शहर के सभी शौचालयों के निर्माण में बंदरबांट की गयी, इसकी डीपीआर उनके कार्यकाल में बनी थी व बोर्ड बनने से पहले इसकी धनराशि आ गयी थी लेकिन इसमें अपने चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया गया व एक भी हाईटेक शौचालय नहीं बनाया गया बल्कि पुराने शौचालयों पर लीपापोती की गयी व टाइलें निकाल कर दुबारा लगायी व बाहरी दीवार एलेक्स चिपकाकर नया बना दिया गया जिनकी हालत खराब है। मसूरी के इतिहास में पहली बार बददुआ रैली निकाली गयी जो पालिका की उपलब्धि है जिसमें गरीबों को उजाड़ा गया। वहीं सेंटमेरी अस्पताल पर अभी तक कुछ नहीं हुआ न ही हिमालयन हास्पिटल को दिया गया। इस पर पालिका गंभीर नहीं है, एमपीजी कालेज में एक वर्ष होने पर प्रबंधन समिति तक नहीं बन पायी। जब चुनाव हुए तब मंत्री गणेश जोशी कहते थे पालिका ने जमीन नहीं दी इसलिए आवास नहीं बन पाये न पार्किंग बन पायी अब तो  ट्रिपल इंजन की सरकार है, पालिका भी उनकी है तो कोई आवासीय कालोनी क्यों नहीं बनी, यहां तक कि सिफन कोर्ट के लोगों तक की कालोनी नहीं बनी। जो  उनके कार्यकाल में प्रस्ताव लाये गये थे उन्हें निरस्त कर दिया। उन्होंने कहा कि टाउनहाल जनता के लिए खोलने की बात करते है जबकि उन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए क्यो कि टाउन हाल हरीश रावत के मुख्यमंत्रीत्व काल में बन गया था व पालिका ने पांच साल तक उसे एमडीडीए में माध्यम से बंद रखा। वहीं पालिका परिषद द्वेष भावना से कार्य कर रही है व उन्हें डरा धमका रही है। अभी अनेक विषय है जिन्हें समय समय पर जनता के सामने लाया जायेगा। उन्होंने गर्ग क्लीनिक पर कहा कि वहां चौडीकरण किया गया था, अब कोर्ट ने स्टे लगाया है, उन्होंने प्लिंथ सर्टिफिकेट पर कहा कि उनके कार्यकाल में प्लिंथ सर्टिफिकेट जारी किए गये उसमें पूरी सावधानी बरती गयी यह अधिशासी अधिकारी के कार्यक्षेत्र में आता है उन्होंने पूरी आख्या मिलने के बाद जारी किए, इसमें पालिकाध्यक्ष को कोई रोल नहीं रहता लेकिन अब पालिकाध्यक्ष का रोल क्या है यह सभी देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगर पालिका को कुछ व्यवसायी व ठेकेदार चला रहे है पालिकाध्यक्ष तो उनकी कठपुतली है। शहर के ज्वलंत विषयों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ जो आरोप लगाये गये उसमें कुछ नहीं मिला, अगर कुछ है तो जांच करवानी चाहिए, उन्होंने गडडी खाना बंद करवाया, मैसानिक लाज चौड़ीकरण व लंढौर पार्किग बनायी यही आरोप था जो निराधार निकले। उन्होंने कहा कि नगर पालिका इस घमंड में न रहे कि प्रदेश में सरकार है, अगर शिकायत होगी जो जबाब देना पडेगा उसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो न्यायालय की शरण ली जायेगी।