मसूरी:+ मसूरीअवस्थित आर्यम इंटरनेशनल फ़ाउंडेशन के तत्त्वावधान में संचालित भगवान शंकर आश्रम द्वारा घोषित माँ अन्नपूर्णा भंडारा कार्ड योजना के अन्तर्गत फाल्गुन शुक्ल पक्ष की तृतीया को उत्तराभाद्रपद नक्षत्र की शुभ वेला में निःशुल्क राशन वितरण सम्पन्न हुआ। आज क्षेत्र के अतिनिर्धन और वंचित 21 परिवारों को मार्च माह का मासिक घरेलू राशन वितरित किया गया।
अधिशासी प्रवक्ता माँ यामिनी श्री के अनुसार ट्रस्ट के अध्यक्ष और आश्रम के मुख्य अधिष्ठाता परमप्रज्ञ जगतगुरु प्रोफ़ेसर पुष्पेंद्र कुमार आर्यम जी महाराज के निर्णय के अनुसार आश्रम द्वारा समग्र मानवता के कल्याण हेतु यह अभियान गत मार्च 2020 से संचालित है। गुरुदेव का कहना है कि जहाँ दुनिया भर में अवसाद एवं दुख प्रसारित हो रहा है वहीं दान पुण्य ऐसा सुकर्म है जिसे करने से न केवल दूसरों की मदद होती है किन्तु स्वयं के अंतरमन में भी शांति का उदय होता है। जिन कर्मों में स्वार्थ न होकर ईश्वर प्रेम निहित होता है वह कर्म ही हमें वास्तविक खुशी प्रदान करते हैं। पेड़-पौधों में नई कोंपलें फूटने लगी हैं, हिन्दू नववर्ष भी आरंभ होने को है, दान पुण्य करके हम अपने हृदय को परमात्मा के लिए सुदृढ़ एवं संकल्पित करते हैं। भंडारा कार्ड धारक व्यक्तियों को दी जाने वाली सामग्री में सभी वस्तुओं की गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जाता है। इन वस्तुओं में 15 किलो गेहूँ का आटा, 10 किलो चावल, 5 किलो चीनी, दो किलो काला चना, दो लीटर सरसों का तेल, चायपत्ती, धनिया पावडर, लाल मिर्च, हल्दी प्रत्येक 250 ग्राम, एक किलो नमक आदि प्रदान किया जाता है। अति निर्बल, बीमार और आने में असमर्थ परिवारों को राशन उनके घरों पर भी पहुँचाया जाता है। बच्चों द्वारा त्याग दिए गए वृद्ध व्यक्तियों ,निराश्रित विधवाओं, बेसहारों के अपंग, बीमार और अत्यंत निर्धन व्यक्तियों के लिए यह भंडारा कार्ड योजना आश्रम की तरफ़ से संचालित है जिसे शीघ्र ही अन्य अनेक स्थानों तक विस्तारित किया जाएगा। राशन वितरण कार्यक्रम में हरीश त्यागी, सोमलता दलाल, अजय त्यागी, प्रीतेश आर्यम, संतोष, सतीश, अरविंद शर्मा, अंजलि सोनकर, रुचि, रीना चौहान, इंदिराबेन मिश्रा आदि का सहयोग रहा।
अधिशासी प्रवक्ता माँ यामिनी श्री के अनुसार ट्रस्ट के अध्यक्ष और आश्रम के मुख्य अधिष्ठाता परमप्रज्ञ जगतगुरु प्रोफ़ेसर पुष्पेंद्र कुमार आर्यम जी महाराज के निर्णय के अनुसार आश्रम द्वारा समग्र मानवता के कल्याण हेतु यह अभियान गत मार्च 2020 से संचालित है। गुरुदेव का कहना है कि जहाँ दुनिया भर में अवसाद एवं दुख प्रसारित हो रहा है वहीं दान पुण्य ऐसा सुकर्म है जिसे करने से न केवल दूसरों की मदद होती है किन्तु स्वयं के अंतरमन में भी शांति का उदय होता है। जिन कर्मों में स्वार्थ न होकर ईश्वर प्रेम निहित होता है वह कर्म ही हमें वास्तविक खुशी प्रदान करते हैं। पेड़-पौधों में नई कोंपलें फूटने लगी हैं, हिन्दू नववर्ष भी आरंभ होने को है, दान पुण्य करके हम अपने हृदय को परमात्मा के लिए सुदृढ़ एवं संकल्पित करते हैं। भंडारा कार्ड धारक व्यक्तियों को दी जाने वाली सामग्री में सभी वस्तुओं की गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जाता है। इन वस्तुओं में 15 किलो गेहूँ का आटा, 10 किलो चावल, 5 किलो चीनी, दो किलो काला चना, दो लीटर सरसों का तेल, चायपत्ती, धनिया पावडर, लाल मिर्च, हल्दी प्रत्येक 250 ग्राम, एक किलो नमक आदि प्रदान किया जाता है। अति निर्बल, बीमार और आने में असमर्थ परिवारों को राशन उनके घरों पर भी पहुँचाया जाता है। बच्चों द्वारा त्याग दिए गए वृद्ध व्यक्तियों ,निराश्रित विधवाओं, बेसहारों के अपंग, बीमार और अत्यंत निर्धन व्यक्तियों के लिए यह भंडारा कार्ड योजना आश्रम की तरफ़ से संचालित है जिसे शीघ्र ही अन्य अनेक स्थानों तक विस्तारित किया जाएगा। राशन वितरण कार्यक्रम में हरीश त्यागी, सोमलता दलाल, अजय त्यागी, प्रीतेश आर्यम, संतोष, सतीश, अरविंद शर्मा, अंजलि सोनकर, रुचि, रीना चौहान, इंदिराबेन मिश्रा आदि का सहयोग रहा।

