मसूरी। मसूरी के बार्लोगंज निवासी धर्म सिंह फरस्वाण एवं रोशनी फरस्वाण की पुस्तक 2500प्लस इंग्लिश हिंदी वेर्बस को भारत सरकार की समग्र शिक्षा योजना के तहत उत्तराखंड के राजकीय उच्च प्राथमिक, माध्यमिक व इंटर कालेजों के पुस्तकालयों में छात्रों को भाषाई दक्षता के विकास हेतु चयनित किया गया है जिससे छात्र इसका लाभ ले सकें।
भारत सरकार की समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्ययोजना के अंतर्गत उत्तराखंड के राजकीय उच्च प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों की पुस्तकालयों में विद्यार्थियों की भाषाई दक्षता के विकास हेतु मसूरी निवासी व सेंट जार्ज कालेज में शिक्षक रहे मूल रूप से चमोली जनपद के निवासी धर्म सिंह फरस्वाण एवं रोशनी फरस्वाण की पुस्तक का चयन किया गया है। इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी की लहर है। विभिन्न विद्यालयों के कई प्रधानाचार्यों एवं जनप्रतिनिधियों ने दोनों लेखकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। इस मौके पर धर्म सिंह फरस्वाण ने कहा कि विद्यार्थियों की वास्तविक शक्ति केवल विषयगत ज्ञान तक सीमित नहीं होती, बल्कि उनकी भाषाई दक्षता, आत्मविश्वास और विचारों को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने की क्षमता में भी निहित होती है। वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में भाषा कौशल शिक्षा, रोजगार एवं व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत आवश्यक आधार बन चुका है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए धर्म सिंह फरस्वाण एवं रोशनी फरस्वाण द्वारा 2500 प्लस हिन्दी-अंग्रेजी शब्दों पर आधारित पुस्तक का प्रकाशन किया गया है, जो विद्यार्थियों की भाषा क्षमता को मजबूत बनाने में सहायक होगी। लेखकों ने भारत सरकार की समग्र शिक्षा परियोजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना युवाओं के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी और इससे बच्चों में पुस्तकों के प्रति रुचि भी बढ़ेगी।
आज भारतीय युवाओं की मांग वैश्विक स्तर पर निरंतर बढ़ रही है। मजबूत भाषा कौशल के माध्यम से युवा न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी सम्मानजनक अवसर प्राप्त कर सकते हैं। विद्यालयी शिक्षा पूर्ण करने के बाद विद्यार्थी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, साक्षात्कारों और रोजगार के अवसरों का सामना करते हैं, जहां उनकी भाषाई दक्षता सफलता की महत्वपूर्ण कुंजी बनती है।

