मसूरी:- पर्यटन नगरी के मालरोड को सौदर्यीकरण के नाम पर सात करोड़ की लागत से बनाया गया लेकिन रोड बनते ही लगातार गुणवत्ता पर सवाल खड़े होते गये। इसी कड़ी में शहीद भगत सिंह चौक पर रोड पर बनाये गया चेंबर टूट गया व वहां पर दुर्घटना का खतरा बढ़ गया ,यहीं हाल मालरोड के अन्य क्षेत्रों का भी है।
मालरोड के सौदर्यीकरण के तहत एमडीडीए ने लोक निर्माण विभाग के माध्यम से पूरी मालरोड को खोद कर नीचा किया व उसके बाद उस पर कार्पेटिंग करवाई वहीं रोड के दोनों ओर व चौक चौराहों पर काब्लिंग लगवाये गये लेकिन गुणवत्ता खराब होने के बाद व जिलाधिकारी के कहने के बाद भी गुणवत्ता विहीन पत्थर लगाये गये जो कई जगहों पर उखड़ गये। यहीं नहीं रोड नीची होने पर रैलिंग नीची की जानी थी लेकिन वह नहीं की गई, जिस कारण बरसात होने पर रोड पर पानी जमा होता है जिससे आने जाने वालों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई स्थानों पर चैंबर उंचे नीचे बने है जो दुर्घटना को आमंत्रण दे रहे हैं कई जगह लोहे के ढक्कन लगाये गये है जिन्हें बदला जाना था लेकिन नहीं बदले गये व इस पर दुपहिया वाहनों के दुर्घटना होने की हर समय संभावना बनी रहती है। वहीं शहीद भगत सिंह चौक पर लगे पत्थर उखड़ गये व शिकायत करने पर सीमेंट से रिपेयर किया गया लेकिन उसके साथ बना चेंबर वाहन के टायर से टूट गया व अब वहां पर हर समय दुर्घटना का खतरा बना है लेकिन लोक निर्माण विभाग सोया हुआ है। जबकि कई बार लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जितेंद्र त्रिपाठी को इन समस्याओं से अवगत करा चुके हैं वह भी बार बार मरम्मत करने का आश्वासन देकर भूल जाते है व इसका खामियाजा पर्यटकों व स्थानीय नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है व कभी भी बड़ी दुर्घटना होने की संभावना बनी हुई है।

