वरिष्ठ पत्रकार, इप्टा के प्रदेश महासचिव राज्य आंदोलनकारी सतीश कुमार के निधन से शोक।

मसूरी। वरिष्ठ पत्रकार, इप्टा के प्रदेश महासचिव व राज्य आंदोलनकारी सतीश कुमार का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह अपने पीछे एक पुत्र व एक पुत्री व पत्नी का भरा पूरा परिवार छोड़ कर चले गये। उनके निधन से पत्रकारों सहित शहर के विभिन्न राजनैतिक संगठनों ने शोक व्यक्त किया है।
वरिष्ठ पत्रकार सतीश कुमार लंबे समय से बीमार चल रहे थे व उनकी तबियत अधिक खराब होने पर उन्हें लंढौर कम्युनिटी अस्पताल भर्ती कराया गया जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन का समाचार सुनने पर शहर के विभिन्न राजनैतिक दलों सामाजिक व मजदूर संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया। सतीश कुमार शुरू से ही राज्य आंदोलन से जुड़े रहे वहीं वह मसूरी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नगर सचिव भी रहे व उन्होंने अनेक जन आंदोलनों में भाग लिया। वहीं राज्य आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई व उनके जनगीत राज्य आंदोलन में गाये जाते रहे व वे खुद ढपली बजाकर जनगीत गाया करते थे तथा जेल भी गये। उन्होंने मसूरी में साहित्य व संस्कृति को जगाने का कार्य भी किया व नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जनता को जगाने का कार्य किया। लेकिन उसके बाद से वह बीमार रहने लगे तथा एक वर्ष से वह लगातार बीमार चल रहे थे। उनके निधन से पत्रकार जगत में गहरा शोक व्याप्त हो गया वह वर्तमान में प्रेस क्लब आॅफ मसूरी के महासचिव भी थे। उनके निधन से पत्रकारिता जगत को ही नहीं वामपंथी आंदोलन, इप्टा व राज्य आंदोलनकारियों को भी गहरा आघात लगा है। वे खुद जनगीत व नुक्कड नाटक लिखते थे व उनका प्रदर्शन कर जनता को जगाने का कार्य करते थे। उनके निधन से जो नुकसान हुआ उसकी भरपाई करना कठिन होगा। उनके निधन पर प्रेस क्लब आॅफ मसूरी के अध्यक्ष देवेंद्र उनियाल, मसूरी प्रेस क्लब के अध्यक्ष सुनील सिलवाल, सहित पत्रकारों व सामाजिक व राजनैतिक दलों के लोगो ने शोक व्यक्त किया है। उनका अंतिम संस्कार हरिद्वार में किया गया। उनके भाई दीपक कुमार भी राज्य आंदोलनकारी है। उनकी पत्नी ममता राव भी भाकपा व इप्टा की सक्रिय सदस्य है। उनके निधन पर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष देवी गोदियाल, फिल्म निदेशक प्रदीप भंडारी, होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, एटक अध्यक्ष आरपी बडोनी, सीटू अध्यक्ष भगवान सिंह चैहान ने भी गहरा दुःख व्यक्त किया है।