मसूरी:-: शहीद स्थल पर हो रहे निर्माण के विरोध में पूर्व घोषित राज्य आंदोलनकारियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने धरना दिया, जिसमें मसूरी नगर पालिका, मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के खिलाफ प्रदर्शन किया वह चेतावनी दी की यदि 1 सप्ताह के भीतर शहीद स्थल का अतिक्रमण ना हटाया गया तो राज्य आंदोलन की तर्ज पर व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा इस अवसर पर राज्यपाल के नाम नायब तहसीलदार गोपाल सिंह चौहान को ज्ञापन भी सौंपा ।
सभा को संबोधित करते हुए उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संगठन के संयोजक प्रदीप भंडारी ने कहा किस शहीद स्थल उत्तराखंड राज्य की धरोहर है इस स्थल पर राज्य आंदोलन के दौरान 6 आंदोलनकारियों ने अपनी शहादत दी है किंतु निजी स्वार्थों के चलते साजिश के तहत उत्तराखंड के इतिहास को मिटाने की कोशिश की जा रही है।
राज्य आंदोलनकारी ललित मोहन काला ने कहा की मसूरी नगर पालिका कुछ पूंज पतियों कोफायदा पहुंचाने के लिए शहीद स्थल पर छेड़छाड़ कर आंदोलनकारियों की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं, पालिका की जमीनों को खुर्द बुर्द किया जा रहा है ।
व्यापार संघ के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की जा रही है, बहुमंजिला निर्माण कर शहीद स्थल की सुंदर यत को नष्ट किया जा रहा है। सभा को भैरव सेना के प्रदेश अध्यक्ष संदीप खत्री, कांग्रेस नेता नई सिंह कंडारी, उत्तराखंड आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष देवी गोदियाल ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता ने कहा कि कुछ लोग राजनीति से प्रेरित होकर शहर के विकास में बाधक बन रहे हैं उन्होंने बताया कि शहीदों के परिजनों के सपनों को पूरा करने के लिए नगर पालिका द्वारा शहीद स्थल झूला घर पर संग्रहालय का निर्माण किया जा रहा है जिसको लेकर कुछ लोग विकास विरोधी राजनीति कर रहे हैं नगर पालिका अध्यक्ष ने बताया कि संग्रहालय बनाने का निर्णय नगर पालिका की बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से पारित किया गया और शहीद स्थल की गरिमा को रखते हुए वहां पर शहीदों के साथ ही उत्तराखंड राज्य आंदोलन के बारे में पर्यटकों और स्थानीय लोगों को विस्तृत से जानकारी दी जाएगी कि किस प्रकार से कई शहादतों के बाद उत्तराखंड राज्य प्राप्त हुआ उन्होंने कहा कि नगर पालिका परिषद मसूरी द्वारा शहर में विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं लेकिन चुनाव आते देख कुछ लोगों की जमीन खिसक रही है जिस कारण वे अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों में आंदोलनकारी पूर्ण जुयाल, बिल्लू बाल्मीकि, संजय टम्टा, उमेद सिंह पुंडीर, बलवंत नेगी, राजेंद्र कंडारी, अतुल नौटियाल, दिनेश पवार, शुभम राणा, मदन भट्ट, गौतम बाली, शिव रामपाल सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।

