नगर पालिका कूड़ा डंपिग जोन आईडीएच की दुर्गंध से जीना हुआ मुश्किल, बीमारीयों का खतरा बढ़ा।

मसूरी:- एनएच 707ए स्थित आईडीएच बिल्डिंग के समीप नगर पालिका एमआरएफ सेंटर में पिछले दो महीने से कूड़े का उठान नहीं हो पाया है जिससे वहां पर कूड़े के पहाड़ खड़े हो गए हैं जिसकी दुर्गंध से वहां निवास कर रहे 42 परिवार पर महामारी का खतरा पैदा हो गया है। वहीं स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, यहां की दुर्गध से लक्ष्मण पुरी तक लोग परेशान है।
नगर पालिका परिषद आईडीएच के समीप पूरे शहर का कूड़ा एकत्रित करती है, जिसके बाद ट्रकों के मध्यम से कूडें को देहरादून भेजा जाता है। लेकिन पिछले दो माह से कूड़ा नहीं उठने से यहां पर दुर्गंध के साथ ही मक्खी और मच्छर पैदा हो गए हैं जिससे यहां निवास करने वाले लोगों को आए दिन अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। लेकिन अभी तक ना तो यहां से कूड़े का उठान हो पाया है और ना ही दवाइयां का छिड़काव किया गया है। मसूरी धनोल्टी बायपास रोड पर बने एमआरएफ सेंटर से हजारों की संख्या में पर्यटक गुजरते हैं जिससे शहर की छवि भी धूमिल हो रही है यहां पर सांस लेना भी मुश्किल हो गया है यहीं नहीं यहां से उठती दुर्गंध लंक्ष्मण पुरी तक जा रही है जिससे वहां के लोग भी परेशान है। इस संबंध में जब आईडीएच में निवास कर रहे परिवार के लोगों के साथ बातचीत की गई तो उनका दर्द देखकर उनकी आंखें नम हो गई व कहा कि छोटे-छोटे बच्चों के साथ यहां पर निवास कर रहे 42 परिवारों का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। लगातार दुर्गंध के बीच किस तरह यहां के लोग अपना जीवन यापन कर रहे हैं इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। चुनाव के समय अक्सर नेताओं द्वारा यहां की व्यवस्थाओं को ठीक करने के आश्वासन दिए जाते हैं लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय निवासी महिला बुद्धि देवी ने कहा कि यहां पर गरीब मजदूर परिवारों के लोग रहते है जिनकी कोई सुनने वाला नहीं है, लगातार परिवारों के लोग बीमार हो रहे है, चुनाव के समय सभी वोट मांगने आये लेकिन अब सभी ने मुंह फेर दिया है व लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया है। मीना देवी व फाल्गुनी देवी ने कहाकि वह दिन भर दरवाजे बंद रखते हैं दरवाजा खोलने पर दुर्गध आने से बीमार हो रहे है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। तीन माह से क्षेत्र से कूडा नहीं उठाया गया है। इस संबंध में पालिका अधिशासी अधिकारी तनवीर सिंह मारवाह ने कहा कि आईडीएच से लगातार कूड़ा उठाया जा रहा है, जिस कूड़े से दुर्गध आ रही है वह पिछली बोर्ड के समय का है जिसे मीथीलेन प्लांट में बिजली बनाने के लिए रखा गया था, लेकिन पिछली बोर्ड के समय एक दिन भी बिजली नहीं बनी व प्लांट बंद पड़ा है और अब लगातार उस कूडे को उठाया जा रहा है जिसमें करीब 15 दिन लग जायेंगे। वहीं दुर्गघ होने से दवा छिड़कने की क्वांटिंटी बढा दी गयी है ताकि दुर्गध कम हो सके।