मसूरी। विंटर लाइन कार्निवाल के तहत फूड फेस्टिवल पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रहा है। जिसमें पर्यटक बड़ी संख्या में पहाड़ के व्यंजनों का स्वाद ले रहे हैं व उसकी सराहना कर रहे हैं। पर्यटकों को पहाड़ी खाना इतना पसंद आ रहा है कि एक बार खाने के बाद बार बार स्टालों पर आ रहे हैं व वापस जाते समय पैक करा कर भी अपने रिश्तेदारों व परिचितों के लिए ले जा रहे हैं।
मालरोड पर लगे फूड फेस्टिवल में प्रशासन ने पहाड़ी खाने के स्टालों को प्रमोट करने के लिए विशेष प्रयास किए व कहा कि अधिक से अधिक पहाड़ी व्यंजनों को परोसा जाय। इस मौके पर देहरादून से आयी कैंफे स्वामी अनुष्का उनियाल ने कहा कि बहुत अच्छा रिस्पांस है पहली बार स्टाल लगाया है व पहाड़ी खाने को प्रमोट किया जा रहा है उन्होंने बताया कि उन्होंने यहां पर लाल चावल के साथ भुटुवा दे रहे हैं, वहीं उडद की दाल का चौसा, मीठे में झंगोरे की खीर के साथ ही मोमो आदि परोस रहे है, जो पर्यटक एक बार आ रहा है वह दुबारा आ रहा है यहां तक कि कई पर्यटकों ने कहा वह जा रहे है व पहाड़ी खाना पैक कर दें ताकि वह अपने रिश्तेदारों व परिचितों को खिला सकें। वहीं अक्ष्य एटवान ने बताया कि पेबल स्ट्रीट कैफे है, पहले सोचा नहीं चलेगा लेकिन यहां आकर बहुत डिमांड है पहाड़ी खाने की व अपने चाइनीज में मोमो रखा है यहां आने पर बहुत सीखने को मिला, मसूरी में देश भर के पर्यटक आ रहे है जिससे पूरे देश में पहाड़ी खाने की खुशबू जायेगी। इसी कड़ी में देहरादून से आयी प्यारी पहाड़न की प्रीति ने बताया कि उन्होंने इस बार मंडुवे के मोमो, स्प्रिंग रोल, पकोड़ी व चाउमिन रखी है इसके साथ ही पहली बार हिमाचली सिडडू को भी रखा है वहीं मडुवे की चाय भी रखी है जिसे काफी पंसंद किया जा रहा है। गढवाल सभा ने भी पहाडी खाने को परोसा है, जिसमें अनीता पुंडीर व शशि रावत ने बताया कि सभा की ओर से हर कार्निवाल में गढवाली पकवान परोसे जाते है, इस बार गहत की दाल के स्वांले, उडद की दाल के पकोड़े, झंगोरे की खीर के साथ ही लाल चावल, कंडाली का साग भी परोसा जा रहा है। वहीं हिमालय हार्ट की चंदा पुंडीर ने बताया कि उन्होंने पहाड़ी खाने के साथ ही नेपाली व्यंजन भी परोस रही हैं जिसमें गढवाल के स्वालें, पकोड़े, झंगोरे की खीर व नेपाली खाने में सेल रोटी व आलू की चटनी परोसी जा रही है जिसे पर्यटक खासा पसंद कर रहे हैं। इसके साथ ही फूड फेस्टिवल में चाइनीज, कान्टिनेंटल, फूड के साथ ही पहाड़ के उत्पाद भी बेचे जा रहे हैं, जिसमें मडुवे का आटा, लाल चावल, राजमें, कुलथ, तोर की दाल, शहद, सहित अनेक उत्पाद रखे गये थे। दिल्ली से आये पर्यटक हरविंदर सिंह व अनीसा ने बताया कि पहाड़ी खाना पहली बार खाया है, व बहुत ही स्वादिस्ट लगा जिसमें मडवे के मोमो, पहाड़ी दाल के पकोड़े व झंगोरे की खीर का स्वाद बहुत लजीज था।

