नाले खालो पर लाखों रुपए खर्च, लोकल बजरी पत्थर का किया जा रहा उपयोग।

मसूरी। नगर पालिका परिषद मसूरी, शहर के नाले खालों पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, लेकिन ठेकेदार घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल कर रहा है। जो कि आगामी बरसात के समय इससे स्थिति और खराब हो सकती है व जनधन की हानि हो सकती है। अंडा खेत के  निकट नगर पालिका लाखों रुपए की लागत से नाले की मरम्मत का कार्य कर रही है लेकिन इस कार्य में लोकल बजरी के साथ ही सड़क के टूटे हुए सीमेंट के पत्थरो से नाले का निर्माण किया जा रहा है इससे जहां सरकार को राजस्व की हानि हो रही है वहीं घटिया निर्माण सामग्री से कार्य की गुणवत्ता पर भी प्रश्न चिन्ह लग रहे हैं। नगर पालिका परिषद मसूरी द्वारा शहर के विभिन्न नालों खालो मे करोड़ों रुपए की लागत से मरम्मत का कार्य किया जा रहा है लेकिन विभिन्न स्थानों पर ठेकेदार द्वारा घटिया निर्माण सामग्री की लगातार शिकायतें मिल रही है लेकिन नगर पालिका द्वारा इस पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है, इससे स्थानीय लोगों में भी रोष व्याप्त है। स्थानीय निवासी दीपक कुमार सक्सेना ने बताया कि उनके द्वारा इस संबंध में नगर पालिका के अधिकारियों से भी वार्ता की गई है लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि संबंधित ठेकेदार द्वारा इस कार्य में सीसी सड़क के टूटे हुए पत्थरों से निर्माण कार्य किया जा रहा है वही लोकल बजरी और घटिया निर्माण सामग्री लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका द्वारा इस पर पारदर्शिता नहीं बऱती जा रही है। जबकि कांटेक्ट में नये पत्थर व बजरी लगनी चाहिए। इस संबंध में नगर पालिका अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने कहा कि वह मसूरी में नहीं है व मौके पर जाकर व कार्य को देखने के बाद ही अपनी बात रखेंगे वहीं नगर पालिका अवर अभियंता रजत नेगी ने कहा कि सूचना पर ठेकेदार को नोटिस दिया गया है अगर नाले के निर्माण में गलत सामग्री का प्रयोग किया गया होगा तो ठेकेदार को आर्थिक नुकसान भरना होगा।