मसूरी:- गुरू नानक स्कूल रेडियो ख़ुशी के तत्वाधान में मसूरी में कूड़ा प्रबंधन व इससे आस पास के क्षेत्र में हो रहे मौसम परिवर्तन पर ग्रुप डिस्कशन का आयोजन किया गया। जिसमेें विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया व कूड़ा प्रबंधन व मौसम परिवर्तन पर अपने विचार व्यक्त किए ताकि आने वाले समय में कूड़ा प्रबंधन पर ठोस कार्य नीति बनायी जा सके।
गुरू नानक रेडियो खुशी के स्टेशन निदेशक अर्जुन कैंतुरा एवं प्रोग्रामिंग हेड आरजे नूपुर कर्णवाल कैंतुरा ने उम्मीद नेटवर्क के सहयोग से चर्चा का संचालन किया। कूडा प्रबंधन व बदलते मौसम पर आयोजित ग्रुप डिस्कशन में होटल एसोसिएशन, मसूरी टेªडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन, कीन, हिलदारी, हरिदा, विभिन्न स्कूलों के प्रतिनिधियों एवं नगर पालिका स्वास्थ्य अधिकारी ने भाग लिया जो सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। चर्चा के सत्र में कचरे के संग्रह और सही निपटान के लिए किए जा रहे कार्यों पर विभिन्न बिंदुओं के साथ चर्चा की गई व सुझाव दिए गये। उम्मीद नेटवर्क के अरुण सरकार ने कहा कि जलवायु परिवर्तन किस तरह पूरे पर्यावरण को प्रभावित कर रहा है। ईशा वैश ने ई-कचरे पर महत्वपूर्ण जानकारी दी जो वास्तव में चौकाने वाली थी कि ई-कचरे का अनुचित निपटान स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक है। चारधाम होटल एवं रेस्टोरेंट उत्तराखंड के सचिव प्रतीक कर्णवाल ने सुझाव दिया कि सी एंड डी कचरे के प्रबंधन के लिए निजी सार्वजनिक एकजुट पहल की जा सकती है जो हमारी सुंदर पहाड़ी के सौंदर्य को कवर करती रही है,. उन्होंने सुझाव दिया कि यदि कूडे़ का सही तरीके से प्रबधन और नियोजन किया जाता है और ठीक से डंप किया जाता है, तो छोटे पार्किंग स्थल और उद्यान शहर के पार्किंग के मुद्दे को हल करने के साथ-साथ बनाए जा सकते हैं। मनमोहन ने सुझाव दिया कि स्कूलों से इस दिशा में कार्य करना शानदार जगह होगी, सूखा व गीला ई कचरे के सही निपटान पर जागरूकता फैलाने में सार्थक होगा। मसूरी होटल एसोसिएशन के शैलेंद्र, कीन की सुनीता कुंडले ने जागरूकता फैलाने और लोगों को घर, होटल, रेस्तरां और अधिक सहकारी होने के लिए प्रशिक्षित करने के लिए और पहल करने पर विचार व्यक्त किए। व्यापार संघ अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने शहर भर में ई-कचरे के लिए संग्रह केंद्र बनाने का वादा किया। स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आभास सिंह ने कहा कि वे होमस्टे, होटल, रेस्तरां की शॉर्टलिस्ट तैयार कर रहे हैं जो अपने लाइसेंस के लिए कचरे का प्रबंधन या निपटान नहीं कर रहे हैं। प्रधानाचार्य शिुश विद्यामंदिर मनोज रयाल ने छात्रों के लिए रेडियो ख़ुशी, कीन के साथ एक कार्यशाला आयोजित करने की सहमति व्यक्त की। कीन संस्था के मनोरंजन त्रिपाठी ने पूरे जलवायु परिवर्तन के करण जंगल की आग से होने वाले नुकसान पर चिंता व्यक्त की और सुझाव दिया की आसपास के गांव के लिए फायर लाइन की योजना बनाई जाए। अमित ने एक बहुत ही मान्य बिंदु पर फोकस करते हुए कहा कि जब सरकार ने पॉलिथीन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है तो सरकार विनिर्माण पर रोक क्यों नहीं लगा देती है और पैकेजिंग को नियंत्रित क्यों नहीं कर रही है। इस अवसर पर रोटरी क्लब के अध्यक्ष फिरोज अली। जेजेवंन्ती, रश्मि सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। अंत में अर्जुन कैन्तुरा ने निष्कर्ष निकाला कि सभी को मिलजुल कर समाधान खोजने की जरूरत है जिससे कूड़ा प्रबंधन और मौसम परिवर्तन की दिशा में सही कार्य किया जाए और इसके लिए प्रशासन व पालिका का सहयोग अति आवश्यक है।

