जबर खेत नेचर रिजर्व में आयोजित कार्यक्रम में नेचर पार्क की फोटो प्रदर्शनी लगाई गई।

मसूरी:- जबर खेत नेचर रिजर्व के दस वर्ष होने पर जबर खेत नेचर रिजर्व में कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें नेचर पार्क की दस वर्षों की यात्रा पर फोटो प्रदर्शनी लगायी गई वहीं नेचर रिजर्व के कर्मचारियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने इस जबर खेत रिजर्व को सवारने में अपना अमूल्य योगदान दिया। वहीं मुख्य अतिथि प्रमुख वन संरक्षक डा. धनंजय मोहन ने पौधा रोपण भी किया।
जबर खेत नेचर रिजर्व के दस साल होने पर प्रमुख वन संरक्षक उत्तराखंड डा. धनजय मोहन ने कहा कि जबर खेत नेचर रिजर्व प्राइवेट स्टेट में है जो वन सरंक्षण का अनोखा उदाहरण है, जिसमें लोगों को आजीविका भी मिल रही है, यह एक प्रेरणा देने वाला मॉडल है, जो प्राइवेट क्षेत्र में प्रकृति का संरक्षण करने के साथ रोजगार का साधन भी बन रहा है। उन्होने आहवान किया कि इससे सीख लेनी चाहिए कि प्राइवेट क्षेत्र में वनों को संरक्षित रखते हुए प्रकृति को संरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने संदेश दिया कि जहां भी रहो प्रकृति का ध्यान रखे, प्रकृति कहीं न कही जरूर आशीर्वाद देती है। इस मौके पर जबर खेत नेचर रिजर्व की संचालिका सिंजल वोहरा ने कहा कि यह पार्क दस साल पहले शुरू किया जहां लोग नेचर को एंज्वाय कर सके वनों को संरक्षित रख सकें व रोजगार मिले। शुरू में सहयोग नहीं मिला नया विषय था लेकिन धीरे धीरे यह पार्क पर्यटकों की पंसद बना व अब मसूरी का तीसरा सबसे अधिक महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल बन गया है, प्रकृति प्रेमी यहां आकर बहुत खुश होते है। उन्होंने कहाकि मसूरी में ऐसे अन्य तीन चार पार्क बनाये जाने चाहिए जो पर्यटन के क्षेत्र में नया विषय होगा व पर्यटकों को अलग अनूभूति होगी । उन्होंने कहा कि देश के कोने कोने व विदेशों से पर्यटक केवल जबर खेत नेचर रिजर्व को देखने आते है, पार्क बनाये जाने के बाद यहां से विलुप्त हो चुके जंगली जानवर, पक्षी वापस आ गये है। वन सरंक्षक कहकशां नसीम ने कहा कि वह पहले भी यहां आ चुकी हैं, यह पार्क मेरे समय बना था जब मैं यहां मसूरी में डीएफओ थी, यह समाज के साथ मिलकर बनाया गया है जो लगातार आगे बढ रहा है यह मॉडल अन्य स्थानों पर भी वन विभाग के माध्यम से बनाने के प्रयास किए जायेंगे ताकि ईको टूरिज्म को बढावा मिल सके। इस मौके पर जबरखेत नेचर रिजर्व के स्वामी विपुल जैन ने कहाकि वह यहीं के  रहने वालें है उनके पिता जेपी जैन ने इस जंगल को अपनाया व उनके विचारों को आगे बढाते हुए यहां पर नेचर रिजर्व बनाया गया है। कार्यक्रम को पीसीसीएफ डा. समीर सिन्हा, पीसीसीएफ एसपी सुबुद्धि, सीसीफ ईको टूरिज्म पीके पात्रो, वन सरंक्षक यमुना वृत्त कहकशां नसीम, पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी, उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप साहनी, व्यापार संघ अध्यक्ष रजत अग्रवाल, दिगंबर टीटू, एड्रयू आल्टर, सभासद विशाल खरोला, डा. ज्योति मारवाह आदि ने भी संबोधित किया व जबरखेत नेचर पार्क की सराहना की कि उन्होंने जंगल को बचाते हुए बिना किसी निर्माण के इसका संवर्धन किया है जो आज प्रकृति प्रेमियों की पहली पसंद बन चुकी है। कार्यक्रम में अदय मनराल ने प्रकृति से जुडे गीत गाकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। कार्यक्रम के अंत में पहाड़ी व्यंजन परोसे गये। इस मौके पर डीएफओ अमित कंवर, मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, डीके जैन, रीता जैन, नरेद्र साहनी, साधना साहनी, कोतवाल संतोष कुंवर, आशु जैन, सुरभि अग्रवाल, आदि मौजूद रहे।