भारी वर्षा व श्रद्धालुओं के भजन कीर्तन के बीच भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकली, सैकड़ो की संख्या में रहे श्रृद्धालु मौजूद।

मसूरी:-  मधुबन आश्रम ऋषिकेश के तत्वाधान में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ शोभा यात्रा भारी बारिश के बीच निकाली गई ,जिसमें सैकड़ो श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ, बलराम व सुभद्रा के दर्शन कर पुण्य  लाभ कमाया। शोभा यात्रा से पहले श्री सनातन धर्म मंदिर में भगवान जगन्नाथ की पूजा व आरती की गई व  56 भोग लगाया गया जिसके बाद उनकी प्रतिमाओ को जयकारों के बीच रथ पर रखा गया व यात्रा शुरू की गई।
भगवान जगन्नाथ की यात्रा लंढौर चौक से शुरू हुई व वहा से घंटाघर, कुलड़ी, मालरोड, शहीद स्थल होते हुए गांधी चौक स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर तक गई ,जहां पूजा अर्चना के बाद यात्रा समाप्त की गई। इससे पूर्व श्री राधकृष्ण मंदिर समिति की ओर से भी यात्रा के कुलड़ी पहुचने पर पूजा की गई व प्रसाद वितरित किया गया। रास्ते भर श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के कीर्तन करते चल रहे  व पूरे रास्ते भर भगवान जगन्नाथ व यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं पर गुलाब के फूलों की पंखडियों की वर्षा की जाती रही। वहीं स्थान स्थान पर यात्रा में शामिल लोगों के लिए विभिन्न प्रकार के प्रसाद की व्यवस्था की गई थी जिसमें श्री सनातन धर्म मंदिर में प्रसाद वितरित किया गया वही लंढौर बाजार में खाटू श्याम भक्तों की ओर से कडी चावल, हलवा,  खीर। कुलडी ग्रीन चौक पर श्री राम सेवा समिति की ओर से जलेबी का प्रसाद वितरित किया गया व कहीं शीतल पेय परोसा गया। यात्रा में बड़ी संख्या में ऋषिकेश से आये श्रद्धालुओं के साथ मसूरी के श्रद्धालु शामिल थे। जो रथ को रस्सियों से खींच रहे थे व रास्ते भर झाडू मार कर सफाई कर रहे थे। इस मौके पर मधुबन आश्रम ऋषिकेश के अध्यक्ष परमानंद दास ने कहा कि मसूरी में तीसरी बार भगवान जगन्नाथ की यात्रा निकाली गई। उन्हांने कहा कि भगवान जगन्नाथ सबके स्वामी है जो अपने भक्तो के दुःख दूर करने उनको आंनद देने उनके पाप हरने अपने मंदिर को छोड़ कर आते है। इसलिए सभी का दायित्व बनता है कि हम भगवान जगन्नाथ का स्वागत करे व जीवन में आनंद का अनुभव करें। उन्होंने कहा कि भारतीयो के डीएनए में भगवान की भक्ति है उन्हें थोड़ा दिशा देने की जरूरत है, सम्पूर्ण जगत के लिए भारतीयों के मन में प्रेम है जो इसका उदाहरण हैै। आज कई लोग अपने को भगवान कह रहे हैं उनको भ्रमित कर रहे है एक घटना हाल की है जिसमें बड़ी संख्या में लोग मारे गये। ऐसे में सभी को भगवत गीता जरूर पढनी चाहिए तभी ज्ञान होगा वरना लोग भ्रमित करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि मसूरी वाले भाग्यशाली है कि यहां पर भगवान जगन्नाथ सबका कष्ट हरने को आये है। केवल जगन्नाथ भगवान ही ऐसे है जो मंदिर से बाहर आते है व बाकी भगवान प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर में बिराजमान हो जाते हैं। भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलराव व सुभद्रा के साथ नगर भ्रमण पर निकलते हैं। स्कंद पुराण में कहा गया है कि जब कोई भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचता है, प्रसाद खाता है प्रणाम करता है भगवान का सम्मान करता है कीर्तन करता है, उसका इस कष्ट भरे संसार से  उद्धार हो जाता है व पापों का निराकरण हो जाता है। इस अवसर पर पूर्व पालिकाध्यक्ष ओपी उनियाल, व्यापार संघ अध्यक्ष रजत अग्रवाल, भाजपा के पूर्व अध्यक्ष मोहन पेटवाल, अरविंद सेमवाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश रावत, राकेश ठाकुर, जगजीत कुकरेजा, जोगेंदर कुकरेजा, राकेश अग्रवाल, अनुज तायल, संदीप अग्रवाल, वैभव तायल, अनिल गोयल, अमित भटट, अनीता सक्सेना, प्रमिला पंवार, माधुरी टम्टा, रेनू अग्रवाल, सतीश ढौडियाल, अशोक अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, राजेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
भक्ति के आगे कोई भी शक्ति नहीं टिकती। ऐसा ही नजारा भगवान जगन्नाथ यात्रा में देखा गया। पर्यटन नगरी मसूरी में निकली भगवान जगन्नाथ यात्रा के बीच मेें भारी बारिश हो गई लेकिन भक्त बारिश की परवाह किए बगैर भजन कीर्तन करते रहे व बारिश आने पर और जोश से नृत्य करते हुए कीर्तन करने लगे। श्रद्धालु बारिश की परवाह किए बगैर आगे बढते गये इससे साबित होता है कि आस्था के आगे कोई बाधा नहीं टिकती ।