प्रमाणित दस्तावेजों के बिना हो रहे ओवीसी सर्वे पर आपत्ति, उच्च न्यायालय की लेगें शरण-मनीष कुकशाल

मसूरी:-निकायो,  त्रिस्तरीय पंचायतों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए सीटें अवधारित किये जाने से  पूर्व ट्रिपल टेस्ट की कार्यवाही विधि सम्मत ना होने का आरोप लगाते हुए समाजसेवी मनीष कुक साल ने उप जिलाधिकारी को एक पत्र लिखकर कहा कि निकायों/ त्रिस्तरीय पंचायतों के सामान्य निर्वाचन में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए सीटें अवधारित किए जाने से पूर्व ट्रिपल टेस्ट की कार्यवाही शहर में चल रही है किंतु इस सर्वे में तैनात कार्मिकों पर्यवेक्षकों द्वारा सर्वे की कार्यवाही के दौरान मात्र पूछा जा रहा है कि आप अन्य पिछड़ा वर्ग में आते हैं अथवा नहीं। उनसे उनसे कोई भी संबंधित प्रमाणिक दस्तावेज नहीं मांगे जा रहे हैं जो कि विधि सम्मत नहीं है, संबंधित दस्तावेजों को देखें बिना फिल्म ट्रिपल टेस्ट की कार्यवाही प्रश्नचिन्ह लगाते हुए उन्होंने कहा की यदि जांच में पारदर्शिता नहीं बढ़ती गई तो उन्हें उच्च न्यायालय की शरण में जाना पड़ेगा।

उन्होंने उप जिलाधिकारी के माध्यम से मांगी है की निकाय में पिछड़ी जातियों के सर्वे में तैनात कर्म को को निर्देशित करें की संबंधितो से प्रमाण पत्र/ अभिलेख प्राप्त करने के बाद ही उनका नाम सर्वे में अंकित करें। इस संबंध में नोडल अधिकारी नगर पालिका अधिशासी अधिकारी का कहना है की दस्तावेजों के संबंध में शासन द्वारा कोई दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं यदि इस संबंध में संबंध में कोई दिशानिर्देश प्राप्त होते हैं तो उन्हें अमल में लाया जाएगा।

5 thoughts on “प्रमाणित दस्तावेजों के बिना हो रहे ओवीसी सर्वे पर आपत्ति, उच्च न्यायालय की लेगें शरण-मनीष कुकशाल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *