मसूरी:- मसूरी इंटर नेशनल स्कूल की छात्राओं ने एमआरएफ सेंटर जाकर कचरे के सेग्रीगेशन की प्रकिया का अवलोकन किया जिससे उन्हें इस बात का ध्यान रहे कि यहां पर किस तरह शहर के कचरे को सेग्रीगेट करके अलग किया जाता है ताकि बच्चे गीला, सूखा कूड़ा, ईवेस्ट व मेडिकल वेस्ट को अलग अलग रखे व समाज में जागरूकता फैलाये।
मसूरी इंटर नेशनल स्कूल के छात्राओं ने टिहरी बाईपास आईडीएच स्थित एमआरएफ सेंटर जाकर मसूरी शहर के कचरे को किस प्रकार सेग्रीगेट किया जाता है इसका निरीक्षण किया। इस अवसर पर व्यापार संघ के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने बताया कि मसूरी को स्वच्छता सर्वें में नबर एक पर लाना है गत वर्ष दूसरे नंबर पर रहे थे। इसी कड़ी में एमआईएस की छात्राओं ने एमआरएफ सेंटर का निरीक्षण किया जिससे वह यहां से सीख लेकर विद्यालय में जाये व सभी को जागरूक करें कि गीला, सूखा, मेडिकल व ई कूडा अलग अलग रखें जिससे उसके निस्तारण में हो रही परेशानी से बचा जा सके। इस अवसर पर एमआईएस की शिक्षिका जिज्ञासा ने बताया कि वेस्ट मैनेजमेंट की प्रक्रिया को देखा कि किस तरह से वेस्ट को अलग अलग सेग्रीगेट करना देखा जिससे सीख मिली। उन्होंने इसके लिए नगर पालिका का आभार व्यक्त किया। वहीं छात्रा दीपाली ने बताया कि सरकार ने मेंडेटरी कट्रीब्यूशन का नियम बनाया है उससे विकास हो सकता है व यहां देखा कि किस तरह से कूडे का निस्तारण किया जा सकता है व इसके वेस्ट को किस प्रकार सेग्रीगेट कर उसका उपयोग किया जा सकता है। इससे आर्थिक लाभ भी होगा व शहर की स्वच्छता बनी रहेगी। इस अवसर पर नगर पालिका स्वास्थ्य निरीक्षक विरेंद्र बिष्ट, अतुल अग्रवाल, राजेश शर्मा, शिव अरोड़ा, जोगेदर सिंह कुकरेजा सहित एमआईएस की छात्राएं मौजूद रही।

