मसूरी:- पर्यटन सीजन के दौरान पूरी मालरोड पर अवैध पटरी वालों के कारण मालरोड अंडा भुटटा बाजार बन गया है, जिसके कारण पर्यटकों सहित स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है व शहर की छवि धूमिल हो रही है। लगातार शिकायत आने पर एसडीएम के निर्देश पर नगर पालिका ने शहीद भगत सिंह चौक से लेकर गांधी चौक तक दो टीमें बना कर अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया , जिसका पटरी वालों ने जमकर विरोध किया ।
पर्यटन नगरी मसूरी की माल रोड विश्व की सबसे सुुंदर मालरोड में शुमार है लेकिन प्रशासन व नगर पालिका की लापरवाही के कारण पूरी मालरोड पर अवैध पटरी लगाने वालों का कब्जा हो गया है जिसके कारण पर्यटक मालरोड का आनंद नहीं ले पा रहे हैं। रोड के दोनों ओर पटरी लगने से पर्यटक दून के सौदर्यीकरण का भी आनंद नहीं ले पा रहे है। जिस पर लोगों में आक्रोश है कि आखिर प्रशासन व पालिका ने क्यों आंखे मूंद रखी हैं लेकिन देर से ही सही अब सीजन के अंतिंम पड़ाव पर पालिका ने एसडीएम के आदेश के बाद मालरोड से अवैध पटरी वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है जिसका पटरी वालों ने जमकर विरोध किया। विरोध को देखते हुए कोतवाल अरविंद चौधरी मौके पर पहुंचे व उन्होंने पटरी व्यापारियों को स्वयं पटरी हटाने को कहा। उन्होंने कहा कि एसडीएम के निर्देश हैं कि मालरोड को सुंदर व व्यवस्थित बनाया जाय। उन्होने कहा कि मालरोड पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाशत नही किया जायेगा। उन्होंने पटरी वालों को अपना सामान हटाने के निर्देश दिये व कहा कि अगर पटरी नहीं हटाई गई तो उनका सामान जब्त कर लिया जायेगा। पटरी वालों का कहना है कि मालरोड में कई सालों से पटरी लगाकर अपनी रोजी-रोटी कमा रहे हैं परंतु हमेशा से उनको परेशान किया जाता है किन्तु नगर प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनको व्यवस्थित किये जाने को लेकर आज तक कोई ठोस नीति नहीं बनाई व अतिक्रमण के नाम पर उनको पर्यटन सीजन में ही परेशान किया जाता है जो न्याय संगत नहीं है। उनका कहना था कि उन्होंने इस काम के लिए ऋण भी ले रखा है जब उनके पास काम ही नहीं रहेगा तो वह ऋण का पैसा कैसे चुकायेगे। वहीं विगत कई वर्षों से वेंडर जोन बनाये जाने की बात की जाती रही है लेकिन आज तक वेंडर जोन नहीं बनाया गया। पटरी व्यवसायियों ने एसडीएम मसूरी से मिलने व उनसे अपनी समस्या बताने का निर्णय लिया है, अगर उन्हाने भी समस्या का समाधान नहीं किया जो आंदोलन किया जायेगा। जबकि नगर पालिका ने मालरोड पर अतिक्रमण हटाओं अभियान जारी रखने का निर्णय लिया है मालूम हो कि मालरोड पर बड़ी संख्या में अवैध पटरी वाले बैठ गये है जबकि नगर पालिका के चिन्हीकरण में केवल 56 लोग ही चिन्हित किए गये हैं। अब तो हाल यह है कि रेलिंग के बाहर भी अंडे भुटटे व फास्टफूड की पटरी लग गयी है जिस कारण पर्यटक प्राकृतिक दृश्यों का आनंद भी नहीं ले पा रहा है व मसूरी की छवि लगातार खराब होती जा रही है। पर्यटक सीजन शुरू होते ही बाहरी प्रदेशों से भारी संख्या में लोग माल रोड पर व्यवसाय करने आते हैं जिनके कारण स्थानीय पटरी व्यवसायों को परेशानी का सामना करना पड़ता है व माल रोड पर अवैध पटरी व्यवसाय की संख्या बढ़ जाती है, समय-समय पर स्थानीय पटरी व्यवसायों के लिए वेंडर जोन की मांग भी की जाती रही है व नगर पालिका द्वारा उन्हें आश्वासन भी दिया जाता है किंतु उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं होती है जिस कारण स्थानीय गरीब व्यवसाईयों को नुकसान उठाना पड़ता है। शासन प्रशासन को चाहिए कि जो पटरी व्यवसाय विगत कई वर्षों से पटरी व्यवसाय कर रहे हैं उनके लिए माल रोड से हटकर वेंडर जोन बनाया जाए उनकी समस्या का समाधान हो सके।

