मसूरी:- मालरोड पर पटरी लगाने वालों को तीन माह पूर्व हटाने के बाद नगर पालिका ने पटरी लगाने वालों को आश्वासन दिया था कि शीघ्र उनका चिन्हीकरण कर पटरी पर बैठने दिया जायेगा लेकिन अभी तक उनकी मांग को न माने जाने के विरोध में पटरी वालों ने रेहडी पटरी कमजोर वर्ग समिति के बैनर तले शहीद स्थल पर अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पिछले 20 वर्षों से माल रोड पर पटरी व्यवसाय कर अपने परिवार का भरण पोषण करने वाले पटरी व्यापारियों को प्रशासन ने माल रोड से हटा दिया । लगभग तीन माह से माल रोड पर पटरी न लगाने देने से पटरी वालों के परिवार भुखमरी की कगार पर आ गए हैं। लेकिन प्रशासन व पालिका कोई सुनवाई नहीं कर रही जिस कारण मजबूरी में शहीद स्थल पर धरना शुरू कर दिया गया है। दो दिन मंत्री गणेश जोशी के कहने पर एसडीएम ने नगर पालिका प्रशासन को निर्देश दिया कि पटरी व्यवसायियों की समस्या का समाधान करें। जिस पर पटरी व्यवसायियों ने भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष मोहन पेटवाल के नेतृत्व में पालिका अघिशासी अधिकारी ने वार्ता की, लेकिन वार्ता में कोई ठोस निर्णय न होने पर पुनः धरना शुरू कर दिया। इस अवसर पर रेहडी पटरी कमजोर वर्ग समिति के अध्यक्ष व पूर्व सभासद राम किशन राही ने कहा कि पूर्व में भी धरना दिया गया था तब नगर पालिका प्रशासन ने चिन्हीकरण की बात की थी लेकिन पालिका ने 84 लोगों का चिन्हीकरण किया जबकि पटरी पर सौ से अधिक पटरी वाले है, जबकि पटरी व्यवसायी इस बात से भी राजी है कि नये लोग पटरी लगा रहे है उन्हें पालिका हटाये लेकिन जो वर्षो से पटरी लगा रहे है उनका चिन्हीकरण कर बैठने की अनुमति दी जाय। वहीं पालिका प्रशासन दो फुट की जगह दे रही है ऐसे में वह कैसे बैठेगे व सामान कहा रखेगे। वहीं पालिका कहती है कि उनको हर रोज पटरी का सामान अपने घर ले जाना होगा जो संभव नहीं है। उन्होने पालिका प्रशासन से कहा कि पालिका या तो काउंटर बना कर दे या पटरी वालों से स्वंय काउंटर बनाने को कहे अन्यथा करीब छह फुट की जगह दे जहां वे अपना सामान लगा सके। पटरी व्यवसायी गीता भटट ने कहा कि धरना तब तक दिया जायेगा जब तक मांग पूरी नहीं होती। उन्होंने कहा कि जब तक वेंडर जोन नहीं बनता तब तक बैठने की अनुमति दी जाय। सभी शहरों में पटरी वालों की अच्छी व्यवस्था की गई है। न ही पालिका ने जिन 84 का चिन्हीकरण किया लेकिन यह नहीं बता रहे कि उसमें किसका नाम है किसका नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव में महिला शक्ति की बात की जाती है लेकिन उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं करता। इस अवसर पर मजदूर संघ महामंत्री संजय टम्टा ने कहा कि 2 सितंबर को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान पटरी व्यापारियों की मांगों को लेकर उन्हें ज्ञापन दिया जाएगा तथा एक सितंबर खटीमा शहीद दिवस पर उपवास रखा जायेगा, व धरना रात को भी जारी रहेगा,इस संबध में एसडीएम को ज्ञापन दिया गया है। धरने पर राम किशन राही, विरेंद्र पंवार, रीता, कमला देवी, विमला, उषा, आमीर, गोविदं, मनेाज कुमार, नवीन सिंह, राजीव सिंह,लकी भंडारी, राजेश्वरी, लक्ष्मी, जोना, सुनीता, भीमू देवी, राम कली, नरेंद्र सिंह, मधु कैंतुरा, अंजू भटट, नरेश कुमार, मुकेश, सुरजा देवी, मौ. तारिक, कमलेश पुंडीर, ओम प्रकाश, सपना मुन्नी देवी, सुमन, सहित पटरी व्यवसायी बैठे रहे।
पिछले 20 वर्षों से माल रोड पर पटरी व्यवसाय कर अपने परिवार का भरण पोषण करने वाले पटरी व्यापारियों को प्रशासन ने माल रोड से हटा दिया । लगभग तीन माह से माल रोड पर पटरी न लगाने देने से पटरी वालों के परिवार भुखमरी की कगार पर आ गए हैं। लेकिन प्रशासन व पालिका कोई सुनवाई नहीं कर रही जिस कारण मजबूरी में शहीद स्थल पर धरना शुरू कर दिया गया है। दो दिन मंत्री गणेश जोशी के कहने पर एसडीएम ने नगर पालिका प्रशासन को निर्देश दिया कि पटरी व्यवसायियों की समस्या का समाधान करें। जिस पर पटरी व्यवसायियों ने भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष मोहन पेटवाल के नेतृत्व में पालिका अघिशासी अधिकारी ने वार्ता की, लेकिन वार्ता में कोई ठोस निर्णय न होने पर पुनः धरना शुरू कर दिया। इस अवसर पर रेहडी पटरी कमजोर वर्ग समिति के अध्यक्ष व पूर्व सभासद राम किशन राही ने कहा कि पूर्व में भी धरना दिया गया था तब नगर पालिका प्रशासन ने चिन्हीकरण की बात की थी लेकिन पालिका ने 84 लोगों का चिन्हीकरण किया जबकि पटरी पर सौ से अधिक पटरी वाले है, जबकि पटरी व्यवसायी इस बात से भी राजी है कि नये लोग पटरी लगा रहे है उन्हें पालिका हटाये लेकिन जो वर्षो से पटरी लगा रहे है उनका चिन्हीकरण कर बैठने की अनुमति दी जाय। वहीं पालिका प्रशासन दो फुट की जगह दे रही है ऐसे में वह कैसे बैठेगे व सामान कहा रखेगे। वहीं पालिका कहती है कि उनको हर रोज पटरी का सामान अपने घर ले जाना होगा जो संभव नहीं है। उन्होने पालिका प्रशासन से कहा कि पालिका या तो काउंटर बना कर दे या पटरी वालों से स्वंय काउंटर बनाने को कहे अन्यथा करीब छह फुट की जगह दे जहां वे अपना सामान लगा सके। पटरी व्यवसायी गीता भटट ने कहा कि धरना तब तक दिया जायेगा जब तक मांग पूरी नहीं होती। उन्होंने कहा कि जब तक वेंडर जोन नहीं बनता तब तक बैठने की अनुमति दी जाय। सभी शहरों में पटरी वालों की अच्छी व्यवस्था की गई है। न ही पालिका ने जिन 84 का चिन्हीकरण किया लेकिन यह नहीं बता रहे कि उसमें किसका नाम है किसका नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव में महिला शक्ति की बात की जाती है लेकिन उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं करता। इस अवसर पर मजदूर संघ महामंत्री संजय टम्टा ने कहा कि 2 सितंबर को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान पटरी व्यापारियों की मांगों को लेकर उन्हें ज्ञापन दिया जाएगा तथा एक सितंबर खटीमा शहीद दिवस पर उपवास रखा जायेगा, व धरना रात को भी जारी रहेगा,इस संबध में एसडीएम को ज्ञापन दिया गया है। धरने पर राम किशन राही, विरेंद्र पंवार, रीता, कमला देवी, विमला, उषा, आमीर, गोविदं, मनेाज कुमार, नवीन सिंह, राजीव सिंह,लकी भंडारी, राजेश्वरी, लक्ष्मी, जोना, सुनीता, भीमू देवी, राम कली, नरेंद्र सिंह, मधु कैंतुरा, अंजू भटट, नरेश कुमार, मुकेश, सुरजा देवी, मौ. तारिक, कमलेश पुंडीर, ओम प्रकाश, सपना मुन्नी देवी, सुमन, सहित पटरी व्यवसायी बैठे रहे।

