जाम के झाम से नहीं मिल रही राहत, पुलिस  प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल।

मसूरी:- पर्यटन नगरी में इन दिनों सीजन पूरे शबाब पर है, होटल पैक हो रहे हैं व बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने से पूरा शहर जाम से जूझ रहा है व वाहन रेंग- रेंग कर चल रहे हैं। लाइब्रेरी से किंक्रेग से भी आगे जेपी बैड तक लगभग तीन किमी लंबा जाम लगा रहा। वहीं लंढौर मार्ग, अकादमी मार्ग सहित मालरोड पर भी जाम से पर्यटक व स्थानीय लोग जूझते रहे व प्रशासन व पुलिस को कोसते रहे।
रोडो पर जाम लगने से पर्यटकों को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी के साथ ही मालरोड पर भी जाम लगने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं, पूरी मालरोड पर कहीं भी पुलिस नजर नहीं आ रही। लाइब्रेरी में जहां पर पुश्ता टूटा है वहां पर एक साल बीत जाने पर भी हर रोज लोगों को जाम से जूझना पड़ रहा है। पूर्व पालिकाध्यक्ष ओपी उनियाल खुद सुबह जाम को खुलवाने में जुटे रहे। इस संबंध में उन्होंने पूर्व में भी एसडीम को फोन कर इस स्थान पर पुलिस व्यवस्था कर जाम से निजात दिलाने को कहा लेकिन एसडीएम ने कोई सुनवाई नहीं की तो उन्होंने जिलाधिकारी को फोन किया। वही शनिवार के दिन भी सुबह से जाम लग गया जिस पर उन्होंने कोतवाल को दो बार फोन किया जिस पर उन्होंने पुलिस कर्मी को मौके पर भेजने की बात कही लेकिन कोई पुलिस कर्मी मौके पर नहीं आया। उन्हांने कहा कि इस स्थान पर पुश्ता लगने में एक वर्ष से अधिक का समय लग गया जो लोक निर्माण विभाग की कार्य प्रणाली पर भी सवाल खड़ा कर रहा है पहले 15 मई तक कार्य पूरा करने की बात की लेकिन अब जून भी आधा चला गया लेकिन रोड नही खुल पायी। वहीं मालरोड पर चिक चाकलेट, व क्लार्क क्षेत्र में भी दिन भर जाम की स्थिति बनी रहती है यहीं हाल पिक्चर पैलेस चौक का है। लंढौर में तो मलिंगार की चढाई जाम का पर्याय बन गया है। ऐसी स्थित में प्रशासन व पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे है व जनता में निराशा की भावना बढ रही है। जब जाम लगता है तो हालात यह हो जाते है कि पैदल चलने वालों को भी रास्ता नहीं मिल पाता व उन्हें भी जाम के बीच में फंसने पर मजबूर होना पड़ता है व वाहनों के साथ रेंग रेंग कर चलने पर मजबूर होना पड़ता है।