वीक एंड पर पर्यटक उमड़े, जाम ही जाम, पुलिस प्रशासन की व्यवस्था पर सवालिया निशान।

मसूरी:-  पर्यटन नगरी मसूरी में वीकएंड व दशहरा पर्व होने के कारण बड़ी संख्या में पर्यटक अवकाश का लाभ उठाने पहुंचे। जिस कारण मसूरी में अच्छी खासी भीड़ हो गई व सीजन जैसा वातावरण हो गया। बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने से एक बार फिर पर्यटकों को परेशानी उठाकर पूरी मसूरी में जाम से जूझना पड़ा। जिसके कारण पुलिस प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खडे हो गये।
पर्यटन नगरी में वीक एंड पर बडी संख्या में पर्यटकों ने मसूरी का रूख किया जिस कारण पूरी मसूरी में भारी भीड़ हो गयी व वाहनों का जगह जगह जाम लग गया। हालात यह थे कि लाइब्रेरी किंक्र्रेग मार्ग पर तो हमेशा की तरह दो किमी से लंबा जाम लगा रहा वहीं मालरोड पर भी एक किमी से अधिक का जाम देखने को मिला। यहीं हाल अन्य स्थानों पर भी रहा व देर रात तक पर्यटक जाम से जूझते रहे। इस बार लंढौर क्षेत्र, मलिंगार, छावनी क्षेत्र, पिक्चर पैलेस से लंढौर रोड, पिक्चर पैलेस लंढौर रोड, अकादमी रोड, मोती लाल नेहरू मार्ग, कैमल बैक रोड सहित अन्य संपर्क मार्गों पर भी पर्यटकांे सहित स्थानीय लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ा। वहीं मालरोड के अंदर भी कई जगह जाम लगा रहा। जाम लगने से पर्यटकों सहित स्थानीय लोगों को भी परेशान होना पड़ा यहां तक कि पैदल चलने वालों को  भी परेशानी का सामना करना पड़ा  व उन्हें भी वाहनों के बीच में खड़ा होने को मजबूर होना पड़ा व जैसे जैसे वाहन रेंगते रहे पैदल चलने वालों को भी रेंगना पड़ा। पुलिस की कमी व प्रशासन की लचर व्यवस्था के कारण लोगों को जाम से जूझना पड़ा। मसूरी एक कार्यक्रम में प्रस्तुति देने आये हिमाचल के लोक गायक विक्की चौहान ने तो इस बात का जिक्र मंच से किया व कहा कि उन्होंने  24 सालों में मसूरी में पहली बार इतना बड़ा जाम देखा  व उन्हें खुद दो किमी पैदल चलना पड़ा। वहीं दिल्ली से आये पर्यटक ने कहा कि वह वीक एंड व दशहरे के अवकाश में मसूरी बच्चों के साथ घूमने आये लेकिन पूरा दिन जाम में ही गुजर गया। जिसके कारण उन्हें व बच्चों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने प्रशासन व पुलिस व्यवस्था को इसका दोषी ठहराया व कहा कि जब प्रशासन व पुलिस को पता रहता है कि कब अधिक पर्यटक आते है तो उसी हिसाब से व्यवस्था करनी चाहिए इसका खामियाजा पर्यटकों को भुगतना पड़ता है अगर ऐसी स्थिति रही तो यहां दुबारा कोई नहीं आयेगा व मसूरी की बदनामी होगी कि वहां पर शासन प्रशासन नाम की कोई चीज नहीं है। पुलिस के सिपाही भी चौक चौराहों पर जाम को खुलवाने के लिए कड़ी मशक्कत करते हुए नजर आए व कही जगहों पर तो लोग बहस करते भी दिखे।