रोपवे में फंसे चार यात्रियों को सुरक्षा बल ने सकुशल रैस्क्यू किया।

मसूरी:- माल रोड स्थित रोपवे अचानक खराब हो गया जिसकी सूचना प्रशासन को दी गई व प्रशासन ने तत्काल आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर सर्विस, पुलिस, नगर पालिका, जल संस्थान आदि को सूचित किया व सभी के संयुक्त प्रयास से रेस्क्यू कर रोपवे में सवार चार यााित्रयों को सकुशल निकाला गया। प्राकृतिक व मानव जनित आपदा में जान माल की हानि को बचाने के लिए खोज एवं बचाव की स्थितियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल किया गया जिसमें संबंधित विभागों ने अपनी कार्य कुशलता का परिचय देकर जान माल की हानि को बचाने के लिए तैयारियों का परीक्षण किया।
मालूम हो कि उत्तराखंड प्राकृतिक आपदा व मानव जनित आपदा को क्षेत्र माना जाता है जिसके तहत सुरक्षा एवं बचाव के लिए हर समय एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, फायर सर्विस, पुलिस, जल संस्थान, जल निगम, विद्युत विभाग, नगर पालिका, होम गार्ड आदि की तैयारियों को लेकर मॉक ड्रिल किया जाता है ताकि जब कभी आपदा आये तो संबंधित विभाग तैयार रहे। इसी तैयारी को धरातल पर परखने के लिए मालरोड स्थित रोपवे पर फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए मॉक ड्रिल किया गया जिसका सफलता पूर्वक परीक्षण किया गया व रोपवे में फंसे यात्रियों को एंबुलेस पर प्राथमिक चिकित्सा देने के बाद तत्काल अस्पताल पहुचाया गया। प्राकृतिक और मानव जनित आपदा से निपटने के लिए संबंधित विभागों की तैयारी परखने के लिए मॉक ड्रिल किया जाता है जिससे आपदा के समय सभी को सकुशल निकाला जा सके माल रोड स्थित पर रोपवे पर आज मॉक ड्रिल किया गया जिसमें एनडीआरएफ एसडीआरएफ पुलिस फायर होमगार्ड वन विभाग नगर पालिका स्वास्थ्य विभाग जल संस्थान विद्युत विभाग लोक निर्माण विभाग के अधिकारी शामिल हुए तथा सभी अपने विभाग के उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचे व फंसे यात्रियों को निकालने की कार्रवाई शुरू की गई। यात्रा सीजन और पर्यटन सीजन के दौरान आपदा के समय संबंधित विभाग जान माल की सुरक्षा के लिए किए गए उपाय को भी परखा जाता है। इस मौके पर उप जिलाधिकारी डॉ दीपक सैनी ने बताया कि गन हिल रोपवे एक महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल है जहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं ऐसे में रोपवे की सुरक्षा व्यवस्थाओं को चाक चौबंद बनाये रखने के लिए मॉक ड्रिल किया गया। जिसमें सभी विभागों ने रेस्क्यू किया गया व जिसमें देखा गया कि किस तरह तत्काल रेस्क्यू दल मौके पर पहुचते है व यात्रियों को निकाल कर  कितनी देर में अस्पताल पहुंचाया जाता है इसे देखा गया। जिसमें सभी एजेंसयों ने आपसी तालमेल बनाकर मॉक ड्रिल किया, वही यह भी देखा गया कि सीजन के दौरान एंबुलेंस को अस्पताल पहुंचने में कितना समय लगता है। उन्होंने इस अभियान से जुड़ी सभी एजेंटीयों का धन्यवाद किया।

सहायक सेनानी एनडीआरफ अजय पंत ने बताया कि उनके द्वारा हर वर्ष रोपवे और आपदा प्रभावित क्षेत्र में मॉक ड्रिल किया जाता है जिससे भविष्य में कोई भी दुर्घटना हो तो  समय रहते सभी को सब कुशल बचाया जा सके। उन्होंने कहा की अन्य प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों को भी प्रशिक्षित किया जाना चाहिए जिससे कभी भी दुर्घटना हो तो सुरक्षा बलों के आने तक फंसे यात्रियों को निकालने का प्रयास किया जा सके।

एसडीआरएफ की उप निरीक्षक लक्ष्मी रावत ने बताया कि सूचना मिलने पर वह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंची तथा चार आदमियों को उनकी टीम द्वारा सकुशल निकल गया।

रोपवे संचालक अमित  बंगवाल ने बताया की रोपवे में सुरक्षा के सभी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं किसी भी स्थिति से निपटने के लिए रोपवे स्टाफ वह स्थानीय प्रशासन हमेशा तैयार रहते हैं। इस अवसर पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राजेश नैथानी, उत्तराखंड जल संस्थान के सहायक अभियंता टीएस  रावत, अग्निशमन अधिकारी धीरज सिंह  तडीयाल, डॉ संतोष नेगी, वीरेंद्र बिष्ट, आइटीबीपी, एनडीआरफ, एसडीआरएफ, पुलिस बल, अग्निशमन, विद्युत विभाग, जल संस्थान तथा होमगार्ड के लोग मौजूद रहे।