राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने पथ संचलन कर जनता को हिंदु नववर्ष के प्रति जागरूक किया।

मसूरी:-  राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने नव वर्ष प्रतिपदा के मौके पर पथ संचलन किया जो पुराने टिहरी बस स्टैण्ड से शुरू होकर गांधी चौक तक गयी जहां पर सभा की गई ,जिसका उददेश्य समाज में हिंदुओं में जागरूकता फैलाना है।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने टिहरी बस स्टैण्ड से महात्मा योगेश्वर सरस्वती शिशु विद्यामंदिर के बैड के साथ पथ संचलन किया जो मलिंगार चौक, गुरूद्वारा चौक, लंढौर चौक, घंटाघर, शहीद भगत सिंह चौक मालरोड, शहीद स्थल होते हुए गांधी चौक तक गया जहां पर संघ का ध्वज फहराया गया व सलामी दी गई ,वहीं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के संस्थापक के चित्र पर पुष्प अर्पित किए गये। इस मौके पर महानगर सह प्रचारक मनोज रयाल ने कहा कि संघ वर्ष भर में दो बार पथ संचलन करता है जिसमें एक नव वर्ष प्रतिपदा पर व दूसरा विजय दशमी पर पथ संचलन करता है। उन्होंने बताया कि नये वर्ष के बारे में समाज को जागरूक करने व उत्साह से नव वर्ष मनाने के उददेश्य से किया जाता है, वहीं विजय दशमी पर शक्ति व सामर्थ का प्रदर्शन किया जाता है। उन्होंने कहा कि संघ समाज में चलने वाली गतिविधियों पर समाज को जागृत करने का कार्य करता है। संघ प्रतिवर्ष छह उत्सव मनाता है, जो समाज जीवन से जुड़े है जिसमें आपस में सदभाव के लिए मकर संक्राति, हिंदू समाज पर गर्व करने के लिए हिंदू सामाज्य दिवस मनाते हैं, आपसी भेद भाव मिटाने के लिए, एकता के लिए रक्षा बंधन का पर्व मनाते है, उन्होंने कहाकि संघ किसी को दबाने व दबने के लिए नहीं है, व समरसता बनी रहे इसके लिए सामाजिक समरसता दिवस 14 अप्रैल को मनाते है, संघ अपने उत्सवों के माध्यम से समाज को संदेश देने का कार्य करता है।
इस मौके पर धर्म प्रमुख जगदीश भटट ने कहा कि हिंदू नव वर्ष पर हर साल पथ संचलन का प्रदर्शन पूरे देश में किया जाता है यह पहला उत्सव है, जिसमें सभी गणवेश में रैली निकालते है ताकि हिंदू समाज में जागृति आये व इस दिशा में लगातार आगे बढ रहे है, उन्होने कहा कि सभी को आने वाली विषम परिस्थितियों को देखते हुए एक होना पडेगा। इस मौके पर सतीश ढौडियाल, उमेश नौटियाल, अमित भटट, रणवीर कंडारी, रजत अग्रवाल, मदन मोहन शर्मा, कुशाल राणा, मनीष कुकसाल, बिजेंद्र भंडारी, गुड मोहन राणा, रमेश डिमरी, अरविंद सेमवाल, व सह संघ चालक दिनेश बडथ्वाल सहित बड़ी संख्या में संघ के स्वयं सेवक मौजूद रहे।  ं