मसूरी:- सोसाइटी फॉर हेल्थ, एजुकेशन एंड वुमेन एंपावरमेंट के तत्वाधान में संजय ऑर्थाेपीडिक, स्पाइन एवं मेटरनिटी सेंटर, देहरादून ने सशक्त नारी सम्मान 2024 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल विशिष्ट अतिथि भाजयुमो की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेहा जोशी, चिकित्सा सलाहकार राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन परियोजना विश्व स्वास्थ्य संगठन डॉ. बिप्रा विष्णु, कार्यक्रम की अध्यक्षा पूर्व कुलपति डॉ. सुधारानी पांडे, पदम श्री डॉ. बीकेएस. संजय, डॉ. सुजाता संजय, डॉ. गौरव संजय, भावना संजय एवं डॉ. प्रतीक संजय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस मौके पर पद्मश्री वरिष्ठ ऑर्थाेपीडिक सर्जन डॉ. बीकेएस. संजय ने कहा कि महिलाएं समाज का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और एक बार जब वे शिक्षित हो जाती हैं, तो वे परिवार, समाज और राष्ट्र के साथ-साथ अपने समकक्षों के साथ समान रूप से योगदान करती हैं। महिला शिक्षा न केवल उन्हें एक बेहतर नागरिक के रूप में बदलती है बल्कि उनका परिवार, समाज और अंततः राष्ट्र एवं आने वाली पीढ़ी के लिए भी दूरगामी परिणाम देती है। एक स्वस्थ और शिक्षित व्यक्ति न केवल अपना काम कर सकता है बल्कि दूसरों के काम भी कर सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे देश को राष्ट्र निर्माण के लिए केवल दबंग पुरुषों ही नहीं बल्कि दबंग महिलाओं की भी आवश्यकता है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कुसुम कंडवाल ने कहा कि जिसको जो भी जिम्मेदारी मिले उसे इमानदारी से पूरा करना चाहिए। महिलाओं को सबसे पहले अपने परिवार का ध्यान रखना चाहिए। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि श्रीमती नेहा जोशी ने कहा कि महिलाओं की जो इच्छाऐं हैं उन्हें पूरी करने के लिए कम से कम महिलाओं को तो उनका साथ देना ही चाहिए। विशिष्ट अतिथि डॉक्टर विप्र विष्णु ने कहा कि टीवी लाइलाज नहीं है इसका इलाज किया जा सकता है। अक्सर माना जाता है कि पहाड़ों में टी.बी. की बीमारी नहीं होती है, परंतु ऐसा मानना गलत है। आचार्या डॉ. अन्नपूर्णा ने कहा कि महिलाओं का सशक्तीकरण हमारे देश में तो वैदिक काल से ही चल रहा है। डॉली डबराल ने कहा कि किसी भी देश की संस्कृति और उन्नयन में नारी की भूमिका अग्रणी है। भारतीय नारी विश्व में अद्वितीय है क्योंकि इनमें सभी भाव समाहित होते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षा डॉ. सुधारानी पांडे ने कहा कि किसी भी परिवार के बनाने में जितना महत्व मां का है उतना किसी का नहीं। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञा डॉ सुजात सिंह ने कहा कि आज के परिदृश्य में महिलाओं की बहुत सी जिम्मेदारियां है लेकिन महिलाओं को अपने बच्चों व परिवार के प्रति भी पहली जिम्मेदारी समझनी चाहिए क्योंकि माँ ही बच्चे की पहली गुरु होती है। ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर गौरव संजय ने कार्यक्रम में आए हुए सभी अतिथियों का आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन योगेश अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम में शर्मिला भरतरी, मधु जैन, पूर्णिमा बिष्ट, शीतल हरदेव सिंह, आचार्य डॉक्टर अन्नपूर्णा, डॉक्टर सविता मोहन, डॉली डबराल, स्नेहा भारद्वाज, संध्या बिष्ट, डा0 मीनू वैश, डा0मानसी वैश, अनीता सक्सेना, सुनीता सिंह व रेशमा शाह को सशक्त नारी सम्मान 2024 से सम्मानित किया गया।

