भगवान शंकर आश्रम ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर बेसहारा 21 परिवारों को राशन वितरित किया।

मसूरी:-  आर्यम इंटरनेशनल फ़ाउंडेशन के तत्त्वावधान में संचालित भगवान शंकर आश्रम द्वारा घोषित माँ अन्नपूर्णा भंडारा कार्ड योजना के अन्तर्गत स्वाति नक्षत्र की शुभ वेला में वैशाख पूर्णिमा को क्षेत्र के अतिनिर्धन और वंचित 21 परिवारों को मई माह का निःशुल्क मासिक घरेलू राशन वितरित किया गया।
ट्रस्ट के अध्यक्ष और आश्रम के मुख्य अधिष्ठाता परमप्रज्ञ जगतगुरु प्रोफ़ेसर पुष्पेंद्र कुमार आर्यम जी महाराज के निर्णय के अनुसार आश्रम द्वारा यह अभियान गत मार्च 2020 से संचालित है। मानव कल्याण, समाज के उत्थान, एवं पुण्यमार्ग हेतु अन्नदान महादान कहलाया है। गुरुदेव का कथन है कि जो भी आप बाँटते हैं वही आप पाते हैं। आपके कर्म से ही आपका प्रारब्ध सिंचित और भविष्य पल्लवित होता है। आज के दौर में जहाँ चहुं ओर बाज़ारवाद विकसित हो रहा है, और हर कर्म का हेतु पूर्वनियोजित किया जा रहा है, वहीं आर्यम गुरुदेव फ्री राशन बाँट एक नई सहयोग धारा को विकसित कर रहे हैं। कोरोना काल से चल रही इस योजना ने सैकड़ों परिवारों की मदद एवं उनके जीवन में नई उमंगों का उदय किया है। शुरुआती दौर में प्रतिसाप्ताह सौ से अधिक निर्बल लोगों को राशन बाँटा जाता था। आज भी ज़रूरत के अनुसार लोगों को राशन के साथ दवाइयाँ और अन्य उपयोग में आने वाली वस्तुएँ बाँटी जाती हैं। ट्रस्ट की अधिशासी प्रवक्ता माँ यामिनी श्री ने बताया कि जगद्गुरु प्रोफेसर पुष्पेंद्र कुमार आर्यम जी महाराज के सनिध्य में भगवान शंकर आश्रम जन कल्याण हेतु अन्य योजनाएँ भी संचालित करता है। पर्यावरण की सुरक्षा हेतु मेरा पौधा, मेरा जीवन, मेरे संग अभियान 2016 से अद्यतन है। हाल ही में मसूरी वासियों के लिए निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर भी आश्रम द्वारा लगाया गया था। जिसमें पचास से अधिक लाभार्थियों को चशमें दिए गए। गुरुदेव सभी ईश्वर के भक्तों से आह्वान करते हैं कि अपने जीवन में जब अवसर मिले अन्न का दान ज़रूर करें। हिन्दू धर्म में इसी कारण से तुलादान विशेष महत्त्व रखता है। हम अन्न का दान करके स्वयं के आरोग्य को सुरक्षित करते हैं एवं जीवन से संबंधित अन्य अड़चनों को दूर करते हैं। किसी भी प्राणी की क्षुधा को शांत करने से बड़ा कर्म और कुछ नहीं होता। इसीलिए माँ अन्नपूर्णा के आगे भगवान शिव भी मस्तक टेकते हैं। भंडारा कार्ड धारक व्यक्तियों को दी जाने वाली सामग्री में सभी वस्तुओं की गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जाता है। इन वस्तुओं में 15 किलो गेहूँ का आटा, 10 किलो चावल, 5 किलो चीनी, दो किलो काला चना, दो लीटर सरसों का तेल, चायपत्ती, धनिया पावडर, लाल मिर्च, हल्दी प्रत्येक 250 ग्राम, एक किलो नमक आदि प्रदान किया जाता है। अति निर्बल, बीमार और आने में असमर्थ परिवारों को राशन उनके घरों पर भी पहुँचाया जाता है। बच्चों द्वारा त्याग दिए गए वृद्ध व्यक्तियों ,निराश्रित विधवाओं, बेसहारों के अपंग, बीमार और अत्यंत निर्धन व्यक्तियों के लिए यह भंडारा कार्ड योजना आश्रम की तरफ़ से संचालित है जिसे शीघ्र ही अन्य अनेक स्थानों तक विस्तारित किया जाएगा। राशन वितरण कार्यक्रम में हरीश त्यागी, सोमलता दलाल, अजय त्यागी, प्रीतेश आर्यम, संतोष, सतीश, अरविंद शर्मा, अंजलि सोनकर, रुचि, रीना चौहान, कविता मलिक, रेणु सचदेवा इंदिराबेन मिश्रा आदि का सहयोग रहा।