मसूरी :- एक सप्ताह के अंदर शिफनकोर्ट के बेघरों के लिए आवास निर्माण की प्रक्रिया शूरू न होने पर समिति ने हाईकोर्ट में वाद दायर करने की चेतावनी दी है। प्रभावितों ने स्वयं को छले जाने का आरोप नगर पालिका, शासन प्रशासन और स्थानीय विधायक पर लगाया है ,इससे पूर्व शिफनकोर्ट के बेघर लोगो ने शहीद स्थल पर धरना दिया और एसडीएम, पालिका अध्यक्ष और विधायक की वादा खिलाफी के विरुद्ध नारे बाजी की । बाद में एक प्रतिनिधि मंडल एसडीएम कार्यालय गया और नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
उत्तराखण्ड राज्य निर्माण आन्दोलनकारी और समिति के संयोजक प्रदीप भण्डारी ने कहा कि अब अति हो गई है यह पहाड़ के भोले भाले गरीब दलित और निर्बल मजदूरों के साथ बहुत बड़ा धोखा , अन्याय है और उनका अपमान है ,जिसे अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, एक सप्ताह के भीतर शासन प्रशासन से आवास निर्माण कार्य की प्रकिया शूरू नहीं होती है तो उच्च न्यायालय नैनीताल में नगर पालिका, शासन प्रशासन और तमाम जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ आवास आवंटन करने समेत सभी तरह के हर्ज खर्चे का वाद दायर किया जायेगा।
वहीं पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष मनमोहन सिंह ने कहा कि रोपवे परियोजना के अंतर्गत गरीब मजदूरों को रातों रात बेदखल कर दिया गया था ,लेकिन अब तक उनका पुनर्वास नहीं हो पाया है और आश्वासनों के बाद सरकार द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है जिसका विरोध करते हैं। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष संजय टम्टा, पालिका सभासद प्रताप पवार, सभासद दर्शन रावत, बिल्लू बाल्मीकि, दिनेश उनियाल, संपत्ति लाल, खीमानंद नौटियाल, कन्हैया लाल, सुनीता देवी, सुमित्रा कंडारी, ममता भट्ट, शीला देवी सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।

