टिहरी रियासत जनक्रांति के नायक श्रीदेव सुमन को उनकी पुण्यतिथि पर याद किया।

मसूरी:-  टिहरी रियासत जनक्रांति के नायक श्रीदेव सुमन की 80वीं पुण्य तिथि पर शहीद स्थल में उनके चित्र पर पुष्प् अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर देश की आजादी व टिहरी रियासत से राजशाही को उखाड़ने में उनके प्रयासों को याद किया गया।
शहीद स्थल पर बड़ी संख्या में राजनैतिक दलों व सामाजिक व मजदूर संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने श्रीदेव सुमन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर पूर्व पालिकाध्यक्ष ओपी उनियाल ने कहा कि श्रीदेव सुमन ने टिहरी राजशाही से जनता को आजादी दिलाने के लिए आंदोलन किया व 84 दिन की भूख हड़ताल करने के बाद शहादत दी। उन्होंने देश के आजादी के आंदोलन में भी सक्रिय भागीदारी की व कई बार जेल गये। ऐसे महान जननायकों को भूलना नहीं चाहिए बल्कि याद करना चाहिए व उनके विचारों को अंगीकृत करना चाहिए। वह ऐसे नायक थे जिन्होंने राजशाही को उखाडने के लिए मात्र 28 साल की उम्र में जीवन का बलिदान दिया। इस अवसर पर भाकपा नेता व एटक अध्यक्ष आरपी बडोनी ने कहा कि टिहरी जनक्रांति के नायक थे जिन्होंने टिहरी रियासत से आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि श्रीदेव सुमन ने टिहरी रियासत के अत्याचारों से मुक्ति दिलाने के लिए आंदोलन किया व 84 दिन की भूख हड़ताल के बाद अपने प्राणों की आहुति दे दी। उन्होंने कहाकि जेल में भी श्रीदेव सुमन को यातनाएं दी गई व उनकी मृत्यु जेल में होने के बाद रात को 12 बजे उनके शव को बोरी में डाल कर भिलंगना नदी में डाल दिया। जिसका पता लगने पर टिहरी रियासत की जनता एकत्र हुई व राजशाही को उखाड़ फेकने का निर्णय लिया व टिहरी को राजशाही से मुक्ति दिलायी। उन्होंने यह भी कहा कि देश की आजादी के बाद देश की दो रियासत टिहरी व हैदराबाद आजाद नहीं हुई थी। टिहरी रियासत को आजाद कराने में श्रीदेव सुमन मोलू भरदारी व नागेद्र सकलानी ने अहम योगदान दिया। इस मौके पर उन्होंने विधायक व मंत्री गणेश जोशी से मांग की कि शहीद स्थल पर उनकी प्रतिमा स्थापित की जाय। इस अवसर पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता, मुलायम सिंह, संजय टम्टा, रणजीत चौहान, प्रदेश सह संयोजक लीगल युवा मोर्चा भाजपा आर्यनदेव उनियाल, सहित अन्य लोग मौजूद रहे।