मसूरी:- इंटरनेशनल स्कूल में स्वामी विज्ञानानंद ने हवन कर आध्यात्म पर अपने विचारों से छात्राओं को हिंदू धर्म के महत्व को उजागर किया। इस मौके पर प्रधानाचार्या मीता शर्मा ने उनका विद्यालय में पहुचने पर पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया।

मसूरी इंटरनेशनल स्कूल का प्रांगण, में प्रातः शांत वातावरण में हवन व पूजन किया गया व इससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक्ता से भर उठा। इस विशेष अवसर पर स्वामी विज्ञानानंद जी व प्रधानाचार्या मीता शर्मा ने धार्मिक कार्य का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने भी प्रतिभाग किया। हवन से पूरे वातावरण में आध्यात्मिकता की ऊर्जा फैल गई। विश्व हिंदू के संस्थापक व विश्व हिंदू परिषद के संयूक्त सचिव स्वामी विज्ञानानंद जी का विद्यालय में आगमन गौरव का क्षण रहा उन्होंने हिंदू धर्म और सनातन को विश्व भर में फैलाने और हिंदू समाज को एकजजुअ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्वामी विज्ञानानंद जी भारतीय पौद्योगिकी संस्थान खड़क पुर से स्नातक है और उन्होंने विश्व हिंदू आर्थिक मंच व विश्व हिंदू कांग्रेस के मुख्य संयोजक रहते अपनी प्रखर नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है। इस अवसर पर उन्होंने अपने प्रेरणादायक संबोधन में हिंदू धर्म और मानवता की सेवा की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्राओं से नैतिकता, संस्कार और समाज सेवा के मार्ग पर चलने का आहवान किया। स्वामी जी ने अपने संबोधन से उपस्थित लोगों को प्रभावित किया व नई उर्जा से भर दिया। इस मौके पर छात्राओं ने स्वामी जी से सीधा संवाद भी किया व अपने मस्तिष्क में उपजे सवालों का स्वामी जी ने संतोष जनक उत्तर दिया। स्वामी विज्ञानानंद जी के प्रेरणादायक संबोधन के बाद छात्राओं ने विद्यालय की सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं के अनुरूप नव दुर्गा नृत्य की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्राचार्या ने स्वामी जी को स्मृति चिन्ह भेंट किया। वहीं शाम को विद्यालय में विजय दशमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर छात्राओं ने डांडिया नृत्य किया तथा राम व लक्ष्मण के रूप में छात्राओं का अभिनय सराहनीय रहा व अंत में रावण दहन किया गया। जिससे यह संदेश दिया गया कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो सत्य व धर्म के आगे टिक नहीं सकती। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाएं व छात्राएं मौजूद रही।

