मसूरी। उप जिला चिकित्सालय लंढौर में आस संस्था के तत्वाधान में 25 टीबी रोगियों को पोषाहार वितरित किया गया। इस मौके पर रोगियों को दवाई भी वितरित की गयी व रोग से बचने के उपायों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गयी।
आस संस्था ऋषिकेश के तत्वाधान में हर माह टीबी रोगियों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए जरूरी पोषाहार दिया जाता है ताकि रोगी रोग मुक्त होकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सके। कार्यक्रम में आये रोगियों को आस संस्था का सचिव हेमलता ने स्वागत किया व रोगियों को आवश्यक जानकारी दी। इस मौके पर टीबी रोग पर चर्चा भी की गयी जिसमें बताया गया कि टीबी स्क्रींग और टीबी रोगियों के घर में छोट छोटे बच्चों के बचाव के लिए आईटीपी देने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने इस मोके पर धुम्रपान और नशे की प्रवृति को टीबी का मुख्य कारण बताया व आहवान किया कि सभी लोग नशे व धुम्रपान न करने के प्रति लोगों को जागरूर करें। बताया गया कि सरकार के द्वारा टीबी रोगियों की जांच निःशुल्क की जाती है व दवा भी निःशुल्क दी जाती है, जिस परिवार में कोई टीवी रोग से ग्रस्त है उस परिवार के सभी लोगों की जांच भी अनिवार्य है और उन्हें जांच करानी चाहिए जिससे टीबी मुक्त भारत के इस अभियान को सफलता मिल सके। रोगी को केवल अस्पताल तक पहुंचाना जरूरी है उसके बाद सभी जांच व उपचार सरकार के माध्यम से निःशुल्क किया जाता है। कार्यक्रम में रोगियों के वजन, ऊंचाई, नापी गयी व पोषाहार वितरण के साथ दवाई का भी वितरण किया गया। दूरस्थ क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता दवाई वितरण कार्य बेहतर और निरंतर करती आ रही हैं, व उन्हें क्षेत्र का बेहतर ज्ञान होता है ऐसे में उनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। रोगियों को दवाई का वितरण एसटीएस बृहस्पति कोठियाल ने किया। कार्यक्रम में एसटीएस बृहस्पति कोठियाल, हेमलता बहन, टीबी चैंपियन वॉलिंटियर पूनम, सोनम, रेशमा, आशा वर्कर, रीना और सुमित्रा ने भी भागीदारी की।

