मसूरी:- नगर पालिका परिषद में कर्मचारियों की नियुक्ति ठेका प्रथा पर करने के लिए जारी निविदा पर पालिका सभागार में बैठक की गई। जिसमें कर्मचारियों, समर्थक संगठनों व जनप्रतिधियों ने नगर पालिका ईओ तनवीर मारवाह के साथ वार्ता की जिसके बाद निविदा निरस्त करने का निर्णय लिया गया।
पालिका सभागार में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों व मजदूर संगठनों ने पालिका की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की व कहा कि जो कर्मी 15 वर्षों से भी अधिक समय से संविदा, दैनिक भोगी व आउटसोर्स के तहत शहर की सेवा कर रहे कर्मियों को हटा कर ठेका प्रथा के तहत निविदा निकाल कर नई भर्ती करना अन्याय है, ंलबे समय से कार्य करने के बाद ये कर्मचारी कहां जायेंगे जिनकी उम्र भी हो रही है, इन्होंने इस उम्मीद के साथ शहर की सेवा की कि ये एक दिन स्थाई कर्मचारी बन जायेगे। बैठक में नगर पालिका अधिशासी अधिकारी तनवीर सिंह मारवाह ने कहा कि नगर पालिका ने आउट सोर्सिग का टेंडर निकाला था लेकिन मसूरी में पहले कभी इस तरह का टेंडर नहीं निकाला गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी नगर पालिकाओं में मेन पावर को आउटसोर्स एजेंसी का चयन किया गया यह उसका टेंडर था जिसमें पर्यावरण मित्र, बहुउददेशीय कर्मचारी रखे जाते है व कुछ कीन के माध्यम से रखे जाते थे लेकिन वे वेतन नहीं दे पाते थे,इसके कारण टेडर निकाला था ताकि उनको अच्छा वेतन मिले, व जो पूर्व में संविदा के कर्मचारी, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी है वह जस के तस रहेंगे। अब इसको निरस्त किया जा रहा है व इस टेडर को दुबारा पुनर्विचार कर निकाला जायेगा, लेकिन कर्मचारियों को भ्रम हुआ है अब उन्हें लिखकर दिया गया है। इस मौके पर पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, ओपी उनियाल, अनुज गुप्ता, नगर पालिका कर्मचारी संघ के महामंत्री चंद्र प्रकाश बडोनी, दर्शन रावत, राजीव अग्रवाल, मेघ सिंह कंडारी, जगजीत कुकरेजा, कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
पालिका सभागार में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों व मजदूर संगठनों ने पालिका की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की व कहा कि जो कर्मी 15 वर्षों से भी अधिक समय से संविदा, दैनिक भोगी व आउटसोर्स के तहत शहर की सेवा कर रहे कर्मियों को हटा कर ठेका प्रथा के तहत निविदा निकाल कर नई भर्ती करना अन्याय है, ंलबे समय से कार्य करने के बाद ये कर्मचारी कहां जायेंगे जिनकी उम्र भी हो रही है, इन्होंने इस उम्मीद के साथ शहर की सेवा की कि ये एक दिन स्थाई कर्मचारी बन जायेगे। बैठक में नगर पालिका अधिशासी अधिकारी तनवीर सिंह मारवाह ने कहा कि नगर पालिका ने आउट सोर्सिग का टेंडर निकाला था लेकिन मसूरी में पहले कभी इस तरह का टेंडर नहीं निकाला गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी नगर पालिकाओं में मेन पावर को आउटसोर्स एजेंसी का चयन किया गया यह उसका टेंडर था जिसमें पर्यावरण मित्र, बहुउददेशीय कर्मचारी रखे जाते है व कुछ कीन के माध्यम से रखे जाते थे लेकिन वे वेतन नहीं दे पाते थे,इसके कारण टेडर निकाला था ताकि उनको अच्छा वेतन मिले, व जो पूर्व में संविदा के कर्मचारी, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी है वह जस के तस रहेंगे। अब इसको निरस्त किया जा रहा है व इस टेडर को दुबारा पुनर्विचार कर निकाला जायेगा, लेकिन कर्मचारियों को भ्रम हुआ है अब उन्हें लिखकर दिया गया है। इस मौके पर पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, ओपी उनियाल, अनुज गुप्ता, नगर पालिका कर्मचारी संघ के महामंत्री चंद्र प्रकाश बडोनी, दर्शन रावत, राजीव अग्रवाल, मेघ सिंह कंडारी, जगजीत कुकरेजा, कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

