व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर पालिका द्वारा लाइसेंस शुल्क लगाये जाने के प्रस्ताव का व्यापार संघ ने विरोध किया।

व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर पालिका द्वारा लाइसेंस शुल्क लगाये जाने के प्रस्ताव का व्यापार संघ ने विरोध किया।
मसूरी। नगर पालिका परिषद बोर्ड बैठक में व्यवसायियों पर प्रस्तावित नए लाइसेंस, पंजीकरण और शुल्क का मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन के सभी सदस्य और पदाधिकारियों ने कड़ा विरोध किया है।
मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि व्यापरियों पर तरह-तरह के लाइसेंस, पंजीकरण और अनेक शुल्क पहले से ही तय हैं, ऐसे में एक नया पंजीकरण और शुल्क एक अतिरिक्त बोझ है और व्यापारीगण का शोषण और उत्पीड़न है। उन्होंने बताया कि व्यापरियों पर पहले से ही शॉप एंड एस्टेब्लिशमेंट लाइसेंस, शॉप एक्ट, श्रम विभाग के पंजीकरण,  एफएसएसएआई के माध्यम से फूड लाइसेन्स, माप नाप बाट तोल, माप नाप विज्ञान, लाइसेंस, जी.एस.टी, राज्य और केन्द्र सरकार के टैक्स, मंडी उत्पादन पर मंडी शुल्क, हाउस टैक्स, नगर पालिका द्वारा कूड़ा प्रबंधन शुल्क, उद्योग आधार, सरकार द्वारा उद्यम पंजीकरण, अग्नि शमन विभाग द्वारा अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र शुल्क, कर्मचारी राज्य बीमा निगम ईएसआइसी पंजीकरण, प्रॉविडेंट फंड पीएफ पंजीकरण, – पब्लिक परफॉर्मेंस लाइसेंस पीपीएल, पर्यटन विभाग द्वारा उत्तराखंड ट्रैवल ट्रेड पंजीकरण, होम स्टे पंजीकरण, नगर पालिका द्वारा लोजिंग लाइसेंस, और कई अन्य पाबंदियां और सख्त निर्देश पहले से व्यापारी झेल रहे हैं, ऐसे में कोई भी नया शुल्क परेशानी बढ़ायेगा और अर्थव्यवस्था में बाधक होगा। इस संबंध में व्यापारियों के द्वारा शीघ्र पालिका में जाकर विरोध दर्ज कराया जायेगा।