मसूरी:- वीक एंड व दीपावली के अवकाश के चलते पर्यटन नगरी में अचानक पर्यटकों के बड़ी संख्या में आने से होटल व्यवसायियों सहित पर्यटन से जुड़े व्यवसायियों के चेहरे खिल गये। पूर्व में दीपावली के अवसर पर बहुत कम संख्या में पर्यटक आते थे लेकिन इस बार दीपावली पर पर्यटकों के मसूरी आने से सीजन जैसा माहौल नजर आया। शाम को सर्दी के बावजूद बड़ी संख्या में पर्यटकों ने मालरोड का आनंद लिया।
दीपावली व वीक एंड एक साथ आने से बड़ी संख्या में पर्यटकों ने मसूरी का रूख किया व यहां के खुशगवार मौसम का आनंद लिया। दीपावली व वीक एंड पर मसूरी 70 से 80 प्रतिशत होटल पैक रहे व पर्यटकों को कमरे ढूढने के लिए कड़ी कशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं पर्यटकों के आने से मसूरी गुलजार हो गई है व पूरी मसूरी रंगीनियों में डूबी रही। पहाडों की रानी मसूरी के प्रति पर्यटकों का खासा आकर्षण रहता है व जैसे ही एक या दो दिनों की छुटटी पड़ती है, पर्यटक मसूरी आ जाते हैं। हालांकि इन दिनों अच्छी खासी ठंड होने के बावजूद भी पर्यटक मालरोड पर टहल रहे हैं वहीं ठंड होने से गर्म कपड़ों स्वेटर, शॉल, टोपी, आदि की पर्यटकों ने जमकर खरीददारी की वहीं चाय, आमलेट, आदि की दुकानों पर खासी भीड नजर आयी जिससे व्यवसायियों के चेहरे खिल गये। वहीं मसूरी के साथ ही आस पास के पर्यटक स्थल कैपटी, धनोल्टी, कांणाताल, आदि में भी बड़ी संख्या में पर्यटकों ने रूख किया। एक ओर जहां कैंपटी फॉल, कंपनी बाग, लाल टिब्बा, धनोल्टी, जार्ज एवरेस्ट आदि पर्यटक स्थलों पर बड़ी संख्या में पर्यटक आकर यहां के मौसम का आनंद ले रहे है। वहीं शाम के समय मालरोड की रौनक देखते ही बनती है। मालरोड रात को चहलकदमी करते पर्यटको की भीड़ से भरी दिखी व देहराूदन के रात्रि के विहंगम दृश्य का आनंद लिया। पर्यटकों के आने से होटल, रेस्टोरेंट, रिक्शा, टैक्सी, गर्म कपडों, आदि पर्यटन से जुडे व्यवसायियों का अच्छा व्यवसाय रहा। दिल्ली से आयी पर्यटक शबनम बेगम ने कहा कि दीपावली या होली के अवकाश पर वह पूरे परिवार के साथ मसूरी आये हैं। व विगत दो दशक से हर साल कभी होली व कभी दीपावली पर मसूरी आते हैं यहां आकर जो सुकून मिलता है उसको बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि वह पहले नैनीताल, शिमला, मनाली आदि स्थानों पर जाते थे लेकिन कहीं भी अच्छा नहीं लगता यहा तक कि कश्मीर में भी उन्हें आनंद नहीं मिला। लेकिन यहां का मौसम, मालरोड व यहां के लोगों का व्यवहार उन्हें यहां खींच लाता है सबसे बड़ी बात यहां पर अपराध देखने को नहीं मिलता चाहे रात तक घूमते रहो कोई भी परेशानी नहीं होती। हरियाणा से आये पर्यटक मोहित एवं सोनाली ने कहा कि वे मसूरी पहले भी आये है, यहां का मौसम भला किस को नहीं भायेगा। हालांकि इस बार यहां आने में खासी परेशानी उठानी पड़ी, रास्ते में जाम लगे होने से घंटो फंसे रहना पड़ा, लेकिन मसूरी पहुंचने के बाद राहत की सांस ली व रास्ते की परेशानी को भूल गये। रात को मालरोड पर लगी बैंच से दून घाटी का दृश्य देख आनंद आया व लंबे समय तक बैठेे रहे।

