मसूरी :- अभी पर्यटक सीजन शुरू हुआ भी नहीं और गांधी चौक, मोती लाल नेहरू मार्ग व सर्कुलर रोड पर जाम से बुरा हाल है, जिसके कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है ,हालात यह है कि गाडीयों के अतिरिक्त पैदल चलने वालों को भी जाम के संकट से जुझना पड रहा है।
आज भी गांधी चौक से लेकर मोतीलाल नेहरू मार्ग व सर्कुलर रोड पर सुबह से ही जाम से बुरा हाल है जिसके कारण लोगों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात यह है कि वाहन घंटों जाम में फंसे रहे, जाम इतना अधिक था कि पैदल चलने वालों को भी जाम में फंसने को मजबूर होना पड़ा जबकि अभी सीजन शुरू भीनहीं हुआ है। जाम लगने का मुख्य कारण रोड के किनारे खड़े वाहन रहते हैं जो लोग खडे करके चले जाते हैं जबकि इस मार्ग पर पार्किग नहीं है लेकिन लोग अवैध रूप से वाहन पार्क कर चले जाते हैं, इसके कारण जहां मोतीलाल नेहरू मार्ग पर जाम लगा रहता है इसके साथ ही सर्कुलर रोड पर भी जाम लग जाता है यहाँ भी रोड किनारे वाहन खड़े होते हैं व इस रोड से जो वाहन आते है अगर उन्हें वेवरली की ओर जाना होता है तो उससे जाम लग जाता है। वाहनों व स्कूटियों की संख्या अधिक होने के कारण और परेशानी हो जाती है। इस मार्ग पर अगर एक ओर से वाहन जा रहे हों और अगर दूसरी ओर से वाहन आ जाय तो दोनों वाहन फंस जाते हैं क्यो कि रोड किनारे गाड़िया खड़ी होने से दो वाहन आमने सामने नहीं निकल पाते। वहीं गांधी चौक पर लगने वाले जाम के कारण भी इस मार्ग पर जाम लग जाता है क्यो कि जब मोती लाल नेहरू मार्ग से वाहन आते है तो गांधी चौक पर लगे जाम के कारण उन्हें खडा होना पड़ता है और पीछे से वाहनों की लाइन लग जाती है। मोती लाल नेहरू मार्ग पर जाम लगने से पैदल आदमी भी नहीं निकल पाता तो आक्रोशित होना स्वाभाविक है। ऐसा ही मामला देखने को मिला जब एक व्यक्ति जाम में फंस गया व उसे आधा घंटा से अधिक हो गया तो वह रोड पर ही बैठ गया व अपना आक्रोश व्यक्त किया। जाम लगने की सूचना गांधी चौक पुलिस चौकी को भी नहीं होती जब लोगों ने कोतवाल को फोन किया तब जाकर मौके पर पुलिस कर्मी पहुचे व जाम को खुलवाया लेकिन सवाल यह है कि अगर अभी से ही यह हालात रहे तो सीजन में किस तरह से जाम से छुटकारा मिलेगा तब तो और अधिक हालात खराब हो जायेंगे। इस संबध में जब कोतवाल अरविंद चौधरी से पूछा तो उन्होंने कहा कि पहले ही मसूरी में पुलिस कर्मियों की कमी है और लोकसभा चुनाव की घोषणा होते ही पुलिस कर्मियों की तैनाती अन्य स्थानों पर की जा रही है जिसके कारण अब गिने चुने पुलिसकर्मी ही बचे हैं जिस कारण परेशानी हो रही है।

