मसूरी। भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने भवन मानचित्रों के नियमितीकरण हेतु वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंमत्री को काबीना मंत्री गणेश जोशी के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया ।
ज्ञापन में कहा गया है कि मसूरी के कई नागरिकों ने अपने छोटे भूखंडों पर आवासीय भवनों का निर्माण किया है, जिनके मानचित्र किन्हीं कारणों या विभागीय जटिलताओं के कारण समय पर स्वीकृत नहीं हो सके या स्वीकृत होने के बाद मामूली विचलन रह गए हैं। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में आम जनता को अपने आशियाने के मानचित्र पास कराने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही समय अनुसार परिवार भी बड़े हो रहे हैं जिसके कारण एक दो अतिरिक्त कमरे और टॉयलेट का निर्माण करना आवश्यकता हो गया है, बरसात के पानी के बचाव के लिए लोहे की छत भी नागरिकों द्वारा अतिरिक्त डाली जाती है। वर्तमान में मसूरी में शमन शुल्क या पेनाल्टी की योजना ना होने के कारण आम नागरिक और मध्यम वर्गीय परिवार इन्हें जमा करने में असमर्थ हैं और मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा परेशान किये जा रहे हैं। ज्ञापन में मांग की गयी है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए पूर्व निर्माणों और लंबित मानचित्रों के निस्तारण, शमन के लिए एक विशेष वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू की जाए। योजना के तहत शमन शुल्क और पेनल्टी दरों में भारी छूट दी जाए, जिससे लोग अपने भवनों का वैध मानचित्र स्वीकृत करा सकें, पूर्व में स्वीकृत मानचित्र का शमन करा सकें और सरकार को भी राजस्व मिल सके।
वहीं दूसरे ज्ञापन में देहरादून मसूरी रोप वे परियोजना से प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास व विस्थापन के संबंध में दिया गया व अवगत कराया गया कि प्रशासन द्वारा देहरादून-मसूरी रोप वे परियोजना के अन्तर्गत, किताब घर बस स्टैंड स्तिथ दुकानदारों को तीन साल पूर्व जबरन हटाया गया और शासन, प्रशासन, नगर पालिका के अनेक आश्वासन के बाद भी आज तक कोई भी दुकान व जगह का आवंटन इन दुकानदारों को नहीं किया गया है। सभी दुकानदार पिछले 30 वर्षों से अधिक से नगर पालिका के किरायेदार रहे हैं। इस बाजार के दुकानदारों और उनके परिवारों की आजीविका इन्हीं दुकानों से जुड़ी हुई है। अचानक बिना किसी पूर्व योजना या उचित पुनर्वास के इन दुकानों को हटाने से इन परिवारों के सामने भूखमरी की नौबत आ गयी है। ये सभी छोटे व्यापारी हैं जिनके पास आय का कोई दूसरा साधन नहीं है। मुख्यमंत्री से मांग की गयी है कि इस मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए तुरंत हस्तक्षेप करें। दुकानदारों को हटाने से पहले उनके लिए वैकल्पिक स्थान पर उचित पुनर्वास की व्यवस्था की जानी चाहिये थी, ताकि उनका रोजगार सुरक्षित रह सके। ज्ञापन देने वालों में भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल सहित प्रभावित दुकानदार सुरेन्द्र सिंह कैंतुरा, अर्जुन सिंह मेहर, विक्रम सिंह पंवार व कमल सिंह ज्याड़ा रहे।
मसूरी होटल एसोएिशन ने भी प्रदेश के काबीना मंत्री गणेश जोशी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर मसूरी देहरादून स्टेट हाईवे, गलोगी से ऋषि आश्रम के मध्य तत्काल मरम्मत कार्य करवाया जाय ताकि मसूरी की आर्थिकी प्रभावित होने से बचाई जा सके।
ज्ञापन में कहा गया है कि मसूरी देहरादून स्टेट हाईवे गलोगी से ऋषि आश्रम तक मानसून की बारिश के कारर्ण अत्यधिक क्षतिग्रस्त हो गया है तथा वर्तमान में अति संवेदनशील व असुरक्षित स्थिति में है। यह मार्ग स्थानीय निवासियों के साथ ही मसूरी आने वाले पर्यटकों द्वारा बडे पैमाने पर उपयोग किया जाता है, सडक की वर्तमान में स्थिति बड़ी खराब है तथा बार बार भूस्खलन होने के कारण आवागमन में असुविधा हो रही है। यह सिथति वाहन चालकों व यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम भरा हो गया है। प्रभवित क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन एवं निगरानी हेतु पर्याप्त पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाय ताकि विषम परिस्थितियों के दौरान यातायात सुचारू एवं सुरक्षित किया जा सके। वहीं मांग की गयी कि क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने तथा सडक एवं पुश्तों की मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर कराया जाय। ज्ञापन देने वालों में होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल व सचिव अजय भार्गव है।

