भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, संस्कृति, सभ्यता, परंपराओं और मानवीय मूल्यों को जोड़ने वाला एक सशक्त सेतु है-धर्म सिंह फर्स्वाण।

  • जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थियों को हिन्दी भाषा सीखने के लिए किया आह्वान। फोटो कैप्शन कश्मीरी छात्रों को पुस्तक भेंट करते मसूरी 3
    मसूरी। शिक्षाविद, बहुभाषी लेखक एवं समाजसेवी धर्म सिंह फर्स्वाण ने जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थियों के लिए हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से स्व रचित हिन्दी भाषा सीखने संबंधी पुस्तकों का वितरण किया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी एवं सभासद गीता कुमाई की मौजूदगी में पुस्तक वितरित की गयी।
    धर्म सिंह फर्स्वाण ने जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों से जुड़े विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि हिन्दी भाषा सीखना केवल एक नई भाषा सीखना नहीं है, बल्कि भारत की समृद्ध संस्कृति, विरासत, साहित्य, इतिहास और परंपराओं को समझने का एक सशक्त माध्यम है। हिन्दी का ज्ञान विद्यार्थियों को देश के विभिन्न हिन्दी भाषी क्षेत्रों से जुड़ने तथा अपनी संस्कृति और विरासत को व्यापक स्तर पर साझा करने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों की संस्कृति, सभ्यता, परंपराओं और मानवीय मूल्यों को जोड़ने वाला एक सशक्त सेतु है। जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थी हिन्दी भाषा सीखकर देश के अन्य राज्यों के विद्यार्थियों के साथ शिक्षा, साहित्य, शोध, पर्यटन एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के क्षेत्र में बेहतर संवाद स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हिन्दी भाषा के प्रति बढ़ती रुचि भविष्य में जम्मू-कश्मीर और हिन्दी भाषी क्षेत्रों के बीच शिक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, पर्यटन, शोध तथा अकादमिक सहयोग को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि जिन क्षेत्रों में हिन्दी सामान्य रूप से नहीं बोली जाती, वहाँ के विद्यार्थी भी हिन्दी सीखकर हिन्दी माध्यम की पुस्तकों का अध्ययन कर सकते हैं, शोध एवं शैक्षणिक गतिविधियों में भाग ले सकते हैं तथा भारत की विविध संस्कृति और विरासत को प्रत्यक्ष रूप से समझने एवं अनुभव करने का अवसर प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार भाषाई एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान जम्मू-कश्मीर तथा देश के अन्य भागों के बीच मैत्री, पारस्परिक समझ, राष्ट्रीय एकता और सहयोग की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगा।