मसूरी:- हैंपटन कोर्ट स्कूल के समीप क्लिफ काटेज स्टेट में हो रहे रोड निर्माण में अवैध तरीके से हरे पेड़ों के कटान पर वन विभाग ने सख्ती बरततेे हुए मौके पर जाकर डीएफओ ने निरीक्षण किया व रोड निर्माण के कार्य को रूकवा दिया है व जांच के आदेश दिए है।
क्लिप कॉटेज में घने जंगल के बीच बन रही सडक को लेकर इन दिनों शहर में खासी चर्चा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घने जंगल के बीच सड़क का निर्माण पेड़ों का पातन कर किया जाना संदेह पैदा कर रहा है। जबकि नगर पालिका ने उक्त संपत्ति पर रोड दिखा रखी है जबकि वहा जाने का पुराना मार्ग पगडंडी वाला था वह भी हेम्पटन कोर्ट से था जबकि यह मार्ग एनएच 707ए से पहाड़ व पेडों को काट कर बनाया जा रहा है। जिसका पर्यावरण विदों व स्थानीय नागरिकों द्वारा विरोध किया जा रहा है। अगर मसूरी में पेडो का पातन व पहाड का कटान ऐसे ही होता रहा तो मसूरी का मौसम प्रभावित होगा। लोगों की शिकायत पर मसूरी वन प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया व कार्य को फिलहाल बंद करवा दिया। उन्होंने बताया कि भू स्वामी द्वारा जो पुराना नक्शा दिखाया है वह सत्यापित नहीं है व मूल नक्शा न होकर फोटो कापी है। उन्होंने यह भी बताया कि उक्त स्थल में पूर्व में पेड़ो की गिनती की गई थी व रोड बनाने के दौरान अब एक बार फिर से पेडों की गिनती करवायी जायेगी तभी अवैध पातन का पता चल सकेगा। पहाड़ों की रानी मसूरी में अवैध निर्माण और जंगलों के कटान के मामले काफी संख्या में बढ़ गए हैं जिसको लेकर पर्यावरणविद चिंता जाता रहे है। उनका कहना है कि जल्द अगर मसूरी में निर्माण की आई बाढ़ और पेड़ों की काटने की मामलों को नहीं रोका गया तो मसूरी जल्द कंक्रीट में तब्दील हो जाएगी। सामाजिक कार्यकर्ता ललित मोहन काला ने कहा कि मसूरी क्लिप कॉटेज हुसैन गंज के पास भूस्वामी द्वारा सभी नियमों को ताक पर रख कर हरेभरे घने जंगल और पेडों का काटान कर सडक का निर्माण किया जा रहा है जबकि पूर्व में वन विभाग द्वारा उनकी शिकायत पर कार्यवाही कर काम को रूकवा दिया था। उन्होने कहा कि मसूरी क्लिप कॉटेज से कोई भी रास्ता काटेज से मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग से नही जाता है, परन्तु वर्तमान में भूस्वामी द्वारा घने जगल और पेडों को नुकसान पहुचा कर करीब 3 मीटर चौडी और 200 मीटर लम्बी सडक का निर्माण किया गया है जो नियम विरुद्ध है। इस संबध में पर्यावरणविद विपिन गुप्ता ने कहा कि उक्त क्षेत्र घना जंगल था वहां पर पूर्व में हैंपटन कोर्ट के बच्चों के माध्यम से बड़ी संख्या में पेड़ लगाये गये थे जो बड़े हो गये थे लेकिन बिल्डर ने उन पर आरी चलवा दी कुछ पेड़ सुखाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा की इसकी शिकायत मुख्य सचिव उत्तराखंड को भी की गई है तथा मसूरी वन प्रभाग को भी शिकायत की है। उन्होंने कहा कि एनएच से भी उक्त संपत्ति पर जाने की रोड थी ही नहीं जबकि नगर पालिका ने फर्जी तरीके से 304 मी रोड दिखाकर एनओसी दी, उसी के आधार पर तत्कालीन डीएफओ कहकशाँ नसीम ने भी एनओसी दी। उन्होंने कहा कि पेड़ों की कटान से पर्यावरण प्रभावित होगा जिसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

