मॉसी फॉल केचमेंट ऐरिया का नदी में सीवर बहने का संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया।

मसूरी:- उपजिला अधिकारी डा. दीपक सैनी के निर्देश पर जल संस्थान, जल निगम एवं नगर पालिका परिषद मसूरी की संयुक्त टीम ने मौसी फॉल कैचमेंट एरिया का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया व रिस्पना नदी के उदगम पर जाकर नदी में बह रहे सीवर के कारणों की जांच की।
संयुक्त टीम ने लंढौर साउथ में जल निगम द्वारा संचालित एसटीपी के एफयुएंट अपशिष्ट का भी निरीक्षण किया। इस दौरान एसपी से निकलने वाले एफ्लूएंट के भी नमूने जांच के लिए भेजे गए। टीम ने नगर पालिका परिषद के बायो मिथेन प्लांट का भी निरीक्षण किया व यहां से होने वाले रिसाव के भी नमूने टीम ने लिए गए। टीम के साथ वाइनबर्ग ऐलन स्कूल व वुड स्टॉक स्कूल के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। टीम ने अवगत कराया गया कि जल संस्थान की तकनीकी टीम ने मौसी फॉल के कैचमेंट व जल निगम के एसटीपी से लिए गए विभिन्न पानी के नमूनो की पेयजल के पैरामीटर तथा सीवेज के पैरामीटर पर टेस्टिंग कराई जाएगी तथा उसी के अनुसार जो भी रिपोर्ट आएगी उसे उप जिलाधिकारी को अवगत कराया जाएगा इस मौके पर ग्राम पंचायत चामासारी के ग्राम प्रधान नरेंद्र मेलवान, अमित पंवार सहित ग्रामवासी भी इस दौरान मौजूद रहे व संयुक्त टीम को नदी में बहाये जा रहे सीवर की विस्तार से जानकारी दी। लेकिन निरीक्षण के दौरान नदी का पानी आज साफ नजर आया लेकिन दुर्गध भी आ रही थी। ऋषिपर्णा नदी के कैचमेंट एरिया में पढ़ने वाले सभी प्रतिष्ठानों का भी आगे बारीकी से निरीक्षण किया जाएगा जिससे यह पता चल सके की इसके कैचमेंट को कौन प्रदूषित कर रहा है। जो भी प्रतिष्ठान इसमें दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध जुर्माना लगाने के साथ-साथ उपयुक्त नियम कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान नगर पालिका अधिशासी अधिकारी राजेश नैथानी, नगर पािलका सफाई निरीक्षक वीरेंद्र बिष्ट, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता अमित कुमार, सहायक अभियंता टीएस. रावत, कनिष्ठ अभियंता दीपक शर्मा, पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता संदीप कश्यप, सहायक अभियंता विनोद रतूड़ी, सहित रमेश धनाई, मुरारी रावत आदि लोग उपस्थित रहे।