सिफन कोर्ट के बेघरों ने चार साल पूरे होने पर शोक दिवस मना उपवास रखा।

मसूरी:- शहीद स्थल पर मजदूर संघ ने सिफन कोर्ट के मजदूरों को बेघर किए जाने  के चार वर्ष पूरा होने पर शोक दिवस मनाया व उपवास रखा। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि आज के दिन 24 अगस्त 2020 को पुरूकुल रोपवे के निर्माण के नाम पर 80 मजदूर परिवारों को जिसमें वृद्ध, गर्भवती महिलाएं बच्चे आदि थे उन्हें कोरोना गाडइ लाइन का उलंघन करते हुए भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बेघर कर दिया गया था।
शहीद स्थल पर वर्षा के बीच मजदूर संघ व सहयोगियों ने शोक दिवस मनाया व उपवास रखा जिसमें बेघर मजदूरों के परिवार सहित राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इस अवसर पर मजूदर संघ के सचिव संजय टम्टा ने कहा कि रोपवे प्रोजेक्ट के नाम पर आज के दिन मजदूरों को बेघर किया गया था व उसके बाद आवास बनाने का आश्वासन दिया गया व खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व मंत्री गणेश जोशी ने आईडीएच में आवास का शिलान्यास किया लेकिन आज तक  एक भी ईंट नहीं रखी गई। आश्चर्य की बात है कि कोरोना काल में प्रधानमंत्री के कोरोना गाइड लाइन को ताक पर रखकर तत्कालीन पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता व मंत्री गणेश जोशी ने मजदूरों को बेघर कर रोड पर फेंक दिया गया था। मजदूर संघ ने आगामी 28 अगस्त से शहीद स्थल पर तीन मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन धरना देने का निर्णय लिया  है । हाथ रिक्शा उन्मूलन के तहत दी गई बेकरी हिल पार्किंग पालिकाध्यक्ष ने अपने चहेतों को दे दी उसे वापस लाने, सिफन कोर्ट के बेघरों को आवास दिलाने व साइकिल रिक्शा के  स्थान पर ई-रिक्शा की मांग है। इस अवसर पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता ने कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि चार साल बीतने पर भी सिफन कोर्ट के मजदूरों को आवास नहीं दिए गये जिससे साफ  लगता है कि शासन व नगर पालिकाध्यक्ष की नीयत साफ नहीं है। पालिका कहती है जमीन दे दी, मंत्री कहते हैं कि जमीन नहीं दी न ही विभागों का तालमेल नजर आता है। वहीं गढवाल सभा का भवन भी इस जद में आया वहीं जो दुकानें लाइब्रेरी बस स्टैण्ड पर थी उनकी दुकाने भी तोड़ दी लेकिन उन्हें भी दुकानें नहीं दी गई। भाजपा की सरकार में कोई जनहित का कार्य नहीं होता है यह इस बात का प्रमाण है। इस अवसर पर एटक अध्यक्ष आरपी बडोनी ने कहा कि बारिश के बाद भी मजदूर उपवास कर रहे है यह उनकी पीड़ा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सिफन कोर्ट के मजदूरों के आशियाने को चार साल पहले उजाड़ दिया गया लेकिन आज तक रोपवे का कहीं पता नहीं है। अगर अभी भी शासन प्रशासन मजदूरों के पक्ष में निर्णय नहीं लेता तो आगामी 28 अगस्त से अनिश्चित कालीन धरना दिया जायेगा व मांगे पूरी होने तक जारी रहेगा। ऐसी कौन सी जल्दी थी कि तत्कालीन पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता व मंत्री गणेश जोशी ने कोरोना काल में मजदूरों को बेघर कर दिया। इस अवसर पर पूर्व पालिकाध्यक्ष ओपी उनियाल ने कहा कि मजदूरों की मांग जायज है, सरकार ने घोषणा की है, मंत्री गणेश जोशी ने जो घोषणा की है व माता मंगला ने जो चाढे चार करोड दिए गये वहां आवास जरूर बनेगे लेकिन समस्या यह है कि तत्कालीन पालिकाध्यक्ष की बोर्ड ने भूमि उपलब्ध नहीं करायी, भूमि परीक्षण होना है। जहां तक ई रिक्शा का सवाल है यह होना चाहिए लेकिन उनके चलाये जाने की गति निर्धारित होनी चाहिए, जो मजदूर हाथ रिक्शा से विस्थापित हुए है उनको पार्किग देनी चाहिए। उन्होंने यह कहा कि वह स्वयं मंत्री गणेश जोशी को अवगत करायेगे व मजदूरों के आवास बनाने का प्रयास किया जायेगा। इस अवसर पर मजदूर संघ अध्यक्ष रणजीत चौहान, प्रदीप भंडारी, रजत अग्रवाल, विरेंद्र डुगरियाल, जय प्रकाश राणा, दिनेश उनियाल, असलम खान, रामकिशन राही, गोदाम्बरी देवी, गीता देवी, ममता देवी, मीरा टम्टा जोगेंद्रर कुकरेजा, सहित सिफन कोर्ट के मजदूर मौजूद रहे।