मसूरी:- सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय के न्यास सस्ता व सुलभ करने के निर्देश पर सिविल न्यायालय परिसर मसूरी में आयोजित लोक अदालत में 20 मामलों का निस्तारण किया गया।
इस मौके पर सिविल जज मसूरी शमशाद अली ने बताया कि लोक अदालत का उददेश्य सर्वोच्च न्यायाल व उच्च न्यायालय की मंशा के अनुसार लोगों के मुकदमे त्वरित निस्तारित हो, न्याय सस्ता व सुलभ हो, और हर व्यक्ति को उपलब्ध हो, इस संबंध में जो छोटे व कंपाउडेबल मामलों को जिनमें समझौता पक्षकारों के बीच हो सकता है उनको बिना वजह आगे न बढाया जाय व पक्षकारों के बीच राजीनामा से समझौता कर निस्तारित किया जाय इसके लिए लोक अदालत लगायी जाती है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत तीन माह में होती है जो पूरे राष्ट्रीय स्तर पर पूरे देश में आयोजित होती है व जितने भी मामले होते है उन्हें निपटाया जाता है। मसूरी में आयोजित लोक अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज सैली के सहयोग से 20 मामले लोक अदालत में निपटाये गये जिसमें चैक से संबंधित, कुछ सिविल केस, कुछ शिकायत के मामले जो कंपाउंड हो सकते थे उन्हें निपटाया गया। इस मौके पर वरिष्ठ अधिवता मनोज सैली ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने एक एक्ट बनाया है जिसमें नालसा, स्टेट, जिला व तहसील स्तर पर लोक अदालत लगायी जाती है जिसमें न्यायालय में चल रहे वादों को निस्तारित किया जाता है। मसूरी में लगी तहसील स्तर की लोक अदालत में सिविल जज व ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट शमशाद अली ने बीस मामले निपटाये ।
इस मौके पर सिविल जज मसूरी शमशाद अली ने बताया कि लोक अदालत का उददेश्य सर्वोच्च न्यायाल व उच्च न्यायालय की मंशा के अनुसार लोगों के मुकदमे त्वरित निस्तारित हो, न्याय सस्ता व सुलभ हो, और हर व्यक्ति को उपलब्ध हो, इस संबंध में जो छोटे व कंपाउडेबल मामलों को जिनमें समझौता पक्षकारों के बीच हो सकता है उनको बिना वजह आगे न बढाया जाय व पक्षकारों के बीच राजीनामा से समझौता कर निस्तारित किया जाय इसके लिए लोक अदालत लगायी जाती है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत तीन माह में होती है जो पूरे राष्ट्रीय स्तर पर पूरे देश में आयोजित होती है व जितने भी मामले होते है उन्हें निपटाया जाता है। मसूरी में आयोजित लोक अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज सैली के सहयोग से 20 मामले लोक अदालत में निपटाये गये जिसमें चैक से संबंधित, कुछ सिविल केस, कुछ शिकायत के मामले जो कंपाउंड हो सकते थे उन्हें निपटाया गया। इस मौके पर वरिष्ठ अधिवता मनोज सैली ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने एक एक्ट बनाया है जिसमें नालसा, स्टेट, जिला व तहसील स्तर पर लोक अदालत लगायी जाती है जिसमें न्यायालय में चल रहे वादों को निस्तारित किया जाता है। मसूरी में लगी तहसील स्तर की लोक अदालत में सिविल जज व ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट शमशाद अली ने बीस मामले निपटाये ।

